नर्मदापुरम। राज्य शासन द्वारा संचालित जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किए उन्नयन कार्यों का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित होने लगा है। नर्मदापुरम के रसूलिया क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक फेफरताल तालाब की तस्वीर अब बदलने लगी है।
जहां एक समय यह तालाब अपनी मूल संरचना और क्षमता को खो चुका था, वहीं अब पहली ही बारिश में इसका जलस्तर उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। तालाब के चारों ओर अब पक्षियों की चहचहाहट सुनाई देने लगी है, जो इस क्षेत्र में बढ़ती जैव विविधता का संकेत है। धीरे-धीरे तालाब की प्राकृतिक पारिस्थितिकी संरचना में सुधार होता दिखाई दे रहा है।
फेफरताल तालाब के पुनर्जीवन में लोक सहभागिता का भी विशेष योगदान रहा है। लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने स्वयं श्रमदान करते हुए इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। साथ ही, नगरपालिका अमले द्वारा भी तालाब के सौंदर्यीकरण और सफाई कार्य निरंतर रूप से किए जा रहे हैं। वर्षा काल के दौरान यह तालाब न केवल जल संचय करेगा, बल्कि भूमिगत जलस्तर में वृद्धि कर आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।








