इटारसी। साहब रेल महाप्रबंधक भी आ चुके हैं, और आपके पहले वाले डीआरएम भी कई बार आए, हमेशा हमें आश्वासन का लॉलीपॉप थमा दिया जाता है, ऐसी अव्यवस्थाओं के बीच रेलवे की कमाई हम कैसे बढ़ाने में मदद करें।
यह जवाब उन ट्रांसपोर्टर्स ने उस वक्त दिया जब मंडल रेल प्रबंधक मालगोदाम का निरीक्षण करने पहुंचे थे। ट्रांसपोर्टर्स ने कहा कि हम कई दशक से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझते हुए मालगोदाम में काम कर रहे हैं। डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय (DRM Saurabh Bandyopadhyay) जब इटारसी मालगोदाम पहुंचे तो वे ट्रक ऑनर्स से रेलवे की आय में बढ़ोतरी का सहयोग करने की बात कहने लगे, तब ट्रांसपोर्टस बोले साहब जो वादे किए हैं उन्हें पूरा तो कीजिए।
ट्रांसपोर्टर्स ने ये समस्या दोहरायी
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय मिश्रा टप्पू (Ajay Mishra Tappu, president of the Transport Association) ने डीआरएम से कहा कि यहां व्यापारियों के लिए प्रतीक्षालय तो बन गया, लेकिन बिजली, पानी जैसी सुविधाएं नहीं हैं। पूरे मालगोदाम परिसर में कच्ची जगह होने से बारिश के चार महीने दलदल रीता है, बाकी दिनों में धूल-धुएं के बीच काम करना पड़ता है। रोज करीब 200 ट्रक लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आते हैं, ऐसे में हम लोग अस्थमा का शिकार हो रहे हैं। यहां काम करने वाले हम्माल-मजदूर और अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं। समस्या सुनकर डीआरएम बोले मैं पहली बार आपके पास आया हूं, इससे पहले क्या बात हुई मुझे नहीं पता, लेकिन दो माह के अंदर आपके मालगोदाम में स्लीपाट डालकर सीसी रोड बना दी जाएगी, उन्होंने मौके से ही सीनियर डीसीएम को कॉल किया और कहा कि यहां के मामले में जल्दी एक्शन लिया जाए। ट्रक चालकों ने बताया कि यहां डीओसी, सीमेंट, यूरिया, गेहूं की रैक लगती है, पूरे परिसर में भारी वाहनों के लायक सड़क नहीं है। रात में यहां प्रकाश की व्यवस्था पर्याप्त नहीं रहती, चारों ओर से परिसर खुला होने के कारण माल चोरी हो जाता है, कई बार ट्रकों की बैटरी, पहिए तक चोरी हो चुके हैं। इसके लिए सर्वसुविधायुक्त परिसर बनाकर दिया जाए। श्री मिश्रा ने कहा कि हम दो साल से सुन रहे हैं कि सड़क बनेगी, हर बार अधिकारी यही कहकर जाते हैं, लगातार शिकायत के बाद कुछ काम तो हुआ है, लेकिन सड़क की जो मुख्य समस्या है उसे नजरअंदाज किया जा रहा है।








