इटारसी | रिश्तों में आई कड़वाहट जब अदालती दहलीज तक पहुँचती है, तो अक्सर परिवारों के बिखरने की तस्वीर सामने आती है। लेकिन शनिवार को इटारसी न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में एक अलग ही सुखद दृश्य देखने को मिला। यहाँ तलाक की अर्जी लेकर पहुँचे एक दंपत्ति ने आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और नई शुरुआत का संकल्प लिया
वरमाला से हुई टूटते परिवार की नई शुरुआत
मामला 5 मई 2018 को हिंदू रीति-रिवाज से शुरू हुए एक वैवाहिक बंधन का था। छोटी-छोटी घरेलू बातों और मनमुटाव के कारण पति-पत्नी के बीच दूरियाँ इतनी बढ़ गईं कि मामला न्यायालय तक पहुंच गया। 05 जनवरी 2026 को दोनों ने विवाह विच्छेद (तलाक) हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया था। आज नेशनल लोक अदालत में खंडपीठ क्रमांक-09 के समक्ष यह मामला रखा गया। पीठासीन अधिकारी/जिला न्यायाधीश आदित्य रावत, सुलहकर्ता सदस्य संतोष गुरयानी और अधिवक्ता आरएन चिमानिया ने दोनों पक्षों को परिवार के महत्व और भविष्य की बारीकियों को समझाया। सतत प्रयासों और सार्थक संवाद के बाद दोनों ने साथ रहने का निर्णय लिया। अदालत परिसर के सौहार्दपूर्ण वातावरण में दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।
लोक अदालत में सुलझे करोड़ों के मामले
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती तृप्ति शर्मा के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति, इटारसी द्वारा आयोजित इस लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
इस अवसर पर जिला न्यायाधीश आदित्य रावत, प्रथम जिला न्यायाधीश श्रीमती अनीता खजूरिया, न्यायाधीश सूर्यपाल सिंह राठौर, श्रीमती आयुषी गुप्ता, यतिन अग्रवाल, श्रीमती प्राची कोरव सहित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रमेश सिंह राजपूत, सचिव पारस जैन, बैंक अधिकारी, विद्युत विभाग के कर्मचारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे
लोक अदालत की मुख्य उपलब्धियां
कुल खंडपीठ: 06
- न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण: 220 मामले (लाभान्वित व्यक्ति: 439)
- प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण: 257 मामले (लाभान्वित व्यक्ति: 257)
- कुल समझौता राशि: न्यायालयीन प्रकरणों में ₹2,40,26,661/- एवं प्री-लिटिगेशन में ₹44,78,127/- की राशि पर समझौते हुए।









