इटारसी। सतपुड़ा की हसीन वादियों में बसे आस्था के केंद्र तिलक सिंदूर से एक बड़ी और अच्छी खबर आई है। इस बार महाशिवरात्रि पर भक्त न केवल भगवान शिव का आशीर्वाद लेंगे, बल्कि प्रकृति को सहेजने का संकल्प भी दोहराएंगे।
आस्था, प्रकृति और परंपरा का संगम तिलक सिंदूर मेला इस वर्ष 14 से 16 फरवरी तक आयोजित होने जा रहा है। गुरुवार को एसडीएम कार्यालय में हुई मैराथन बैठक में मेले की रूपरेखा तय की गई, जिसमें एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया जो इस धार्मिक स्थल की सूरत बदल देगा। बैठक में तहसीलदार श्रीमती सुनीता साहनी, जनपद पंचायत सीईओ सहित तिलक सिंदूर समिति के सदस्य, केसला जनपद और इटारसी के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
पॉलिथिन को ‘नो-एंट्री’ हमेशा के लिए बैन
बैठक का सबसे बड़ा और सराहनीय निर्णय यह रहा कि तिलक सिंदूर परिसर को अब पूरी तरह पॉलिथिन मुक्त बनाया जाएगा। खास बात यह है कि यह पाबंदी सिर्फ तीन दिन के मेले के लिए नहीं, बल्कि हमेशा के लिए लागू रहेगी। सतपुड़ा के जंगलों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिहाज से इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मेले का शेड्यूल और खास आयोजन
- यज्ञ का आगाज : मेले की आध्यात्मिक शुरुआत 12 फरवरी से ही यज्ञ के साथ हो जाएगी।
- शुभारंभ : 14 फरवरी को शाम 4 बजे विधि-विधान से मेले का उद्घाटन होगा।
- समापन : 16 फरवरी को यज्ञ की पूर्णाहूति के साथ मेले का समापन होगा।
जाम से मुक्ति का मास्टर प्लान
हर साल तिलक सिंदूर मेले में उमडऩे वाली लाखों की भीड़ और ट्रैफिक जाम एक बड़ी चुनौती होती है। इस बार प्रशासन ने इसके लिए अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है। पथरोटा पुलिस को ट्रैफिक मैनेजमेंट की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है। जमानी तिराहा, खटामा तिराहा और झालपा गांव के पास विशेष पुलिस बल लगेगा। पार्किंग व्यवस्था को और सुचारू बनाया जायेगा।
प्रशासनिक जमावट
मेले को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए अधिकारियों की फौज तैनात कर दी गई है।
- मेला अधिकारी : जनपद पंचायत केसला सीईओ और तहसीलदार, इटारसी
- सहायक मेला अधिकारी : अतिरिक्त तहसीलदार, केसला
- कंट्रोल रूम : मेला स्थल पर एक हाई-टेक कंट्रोल रूम बनेगा, जहां पुलिस के साथ ग्राम कोटवार भी मुस्तैद रहेंगे।
जिम्मेदार बोले…
महाशिवरात्रि मेले की तैयारी पूरी है। हमने पिछले वर्षों की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की है ताकि इस बार श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। सुरक्षा और स्वच्छता हमारी प्राथमिकता है।
नीलेश शर्मा, एसडीएम
मेला परिसर को पॉलिथिन मुक्त करने का निर्णय ऐतिहासिक है। हम इस पहल का स्वागत करते हैं। समिति के स्वयंसेवक प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर व्यवस्था संभालेंगे।
हरिकिशोर मेहतो, सचिव तिलक सिंदूर समिति








