इटारसी। स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6/7 पर ड्यूटी के दौरान आरपीएफ स्टाफ को तीन छोटे बच्चे रोते हुए मिले, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद उनके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
भूख से बिलख रहे थे बच्चे
6 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 1 बजे महिला आरक्षक वंदना और प्रधान आरक्षक असलम जावेद को मानसी (7 वर्ष), साहिल (5 वर्ष) और मानवी (3 वर्ष) रोते हुए मिले। पूछने पर बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता खाना लेने गए हैं और काफी देर से लौटे नहीं हैं। स्टाफ बच्चों को आरपीएफ पोस्ट लेकर आया, जहां महिला प्रधान आरक्षक रानू विश्वकर्मा ने उन्हें पानी और बिस्किट देकर चुप कराया।
सीसीटीवी से खुला लापरवाही का राज
जब आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो देखा गया कि बच्चों के माता-पिता उन्हें प्लेटफॉर्म पर लावारिस छोड़कर स्टेशन के बाहर जाते दिखाई दिए। स्टेशन परिसर और सर्कुलेटिंग एरिया में तलाश व लगातार अनाउंसमेंट के बाद शाम करीब 5 बजे बच्चों के माता-पिता रवि बेन (निवासी पनागर, जबलपुर) पोस्ट पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे बच्चों को अकेला छोड़कर खाना लेने बाहर चले गए थे। पुलिस ने माता-पिता को कड़ी समझाइश दी और बच्चों को सुरक्षित उनके हवाले किया।









