इटारसी। रक्षा असैन्य कर्मचारियों के तीन प्रमुख महासंघों AIDEF, BPMS और CDRA ने संयुक्त रूप से इंटक से संबद्ध फेडरेशन INDWF से अपील की है कि वे नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा बुलाई बैठकों में भाग न लें।
बैठक का एजेंडा और बहिष्कार की पृष्ठभूमि
म्यूनिशस इंडिया लिमिटेड ने 17 नवंबर 2025 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया था। इस पत्र में भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कर्मचारी महासंघों को DPSU में आयुध कारखानों के रक्षा असैन्य कर्मचारियों के समावेशन हेतु सामान्य शर्तों के मसौदे और सुझावों पर परामर्श के लिए आमंत्रित किया गया था। इसके विपरीत, संयुक्त आयुध कर्मचारी मंच ने 21 नवंबर 2025 को अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए घोषणा की है कि वे अवशोषण पैकेज की शर्तों पर चर्चा करने के लिए 07 नए DPSU द्वारा बुलाई गई किसी भी बैठक में भाग नहीं लेंगे।
कर्मचारियों की मुख्य मांग
संयुक्त मंच ने सचिव (रक्षा उत्पादन) को पहले ही सूचित कर दिया है कि वे केवल उस बैठक में शामिल होने के लिए तैयार हैं जिसमें 41 आयुध कारखानों/07 नए DPSU में कर्मचारियों को सेवा से सेवानिवृत्ति तक केन्द्र सरकार की सेवा में बनाए रखने के तौर-तरीकों पर चर्चा हो। कर्मचारी संघों द्वारा सचिव (रक्षा उत्पादन) से लगातार अपील की जा रही है कि वे आयुध कारखानों/ओएफबी के रक्षा नागरिक कर्मचारियों को केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के रूप में बनाए रखने के लिए एक अधिसूचना जारी करें। यह सुनिश्चित करें कि केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों/रक्षा नागरिक कर्मचारियों पर लागू होने वाले सभी सेवा शर्तें, लाभ, कल्याण, नियम और विनियम सेवा से सेवानिवृत्ति तक लागू हों, जैसा कि DDP द्वारा माननीय उच्च न्यायालयों में एक हलफनामे के माध्यम से आश्वासन दिया गया था।
INDWF से अपील और पूर्व रुख
AIDEF, BPMS, और CDRA ने INDWF फेडरेशन के अध्यक्ष व महासचिव को पत्र जारी कर स्पष्ट अपील की है कि वे भी कॉरपोरेशन की सेवा शर्तों की बैठक में सम्मिलित न हों। यह अपील इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व में, जब सरकार ने 2021 में निगमीकरण का फैसला लिया था, तब INDWF (इंटक) फेडरेशन ने अपनी कुछ मांगों के साथ आयुध निर्माणियों के कॉरपोरेशन के लिए समर्थन किया था।









