इटारसी। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान के आह्वान पर आज नर्मदापुरम जिला किसान कांग्रेस ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील के विरोध में मोर्चा खोला। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन इटारसी तहसीलदार को सौंपा।
ट्रेड डील से नुकसान के 4 मुख्य बिंदु
ज्ञापन में कांग्रेस ने इस प्रस्तावित समझौते को किसान, मजदूर और आम जनता के लिए घातक बताया है।
- उपज के दामों में गिरावट : विदेशी कृषि उत्पादों के सस्ते दामों पर भारत आने से स्थानीय किसानों की फसलों के भाव गिरेंगे।
- आत्मनिर्भरता पर चोट : देश की कृषि आत्मनिर्भरता कमजोर होगी और विदेशी आयात पर निर्भरता बढ़ेगी।
- छोटे व्यापारियों का संकट : स्थानीय उद्योग और छोटे व्यापारी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा में बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे।
- महंगाई और एकाधिकार : बहुराष्ट्रीय कंपनियों का एकाधिकार बढऩे से आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस जनविरोधी ट्रेड डील को तत्काल रद्द नहीं किया, तो किसान कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपते समय भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से प्रदेश महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय, नगर अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी, सेवादल यंग ब्रिगेड प्रदेश अध्यक्ष गज्जू तिवारी, रामपुर ब्लॉक अध्यक्ष राकेश मालवीय, हेमू कश्यप, मयूर जयसवाल और अमित गुप्ता सहित आईटी सेल, युवा कांग्रेस और खेल प्रकोष्ठ के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इनका कहना है…
देश का किसान और आमजन ऐसी किसी भी डील को स्वीकार नहीं करेगा जो उसकी आजीविका और देश की संप्रभुता के खिलाफ हो। सरकार को कोई भी निर्णय लेने से पहले किसान संगठनों से चर्चा करनी चाहिए।
— विजय बाबू चौधरी, अध्यक्ष जिला किसान कांग्रेस









