सुखतवा, इटारसी। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार, भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय, सुखतवा में आज, 15 नवंबर को, प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत के मार्गदर्शन में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत और कॉलेज स्टाफ द्वारा माँ सरस्वती एवं भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, पूजन और माल्यार्पण के साथ हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और श्रद्धांजलि जनजातीय गौरव दिवस के अंतर्गत, विद्यार्थियों और स्टाफ ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां दीं। परिचय और गायन : कु. कीर्ति यादव, भावना राठौर, और कु. शालू ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला, जबकि असरथ धुर्वे ने एक गीत प्रस्तुत किया।
- पारंपरिक नृत्य : कु. सुभीता सल्लाम, कु. सिया, और रविन्द्र चौहान ने जनजातीय पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसने जनजातीय संस्कृति से सभी को परिचित कराया।
- प्रतिभागिता : इस अवसर पर भाषण, निबंध, रंगोली और गायन जैसी विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वक्ताओं का संबोधन जनजातीय गौरव दिवस पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए, श्रीमती कामधेनु पटोदिया ने कहा कि मात्र पच्चीस वर्ष की छोटी आयु में बिरसा मुंडा ने राष्ट्र और समाज के लिए जो कार्य किया, वह अतुलनीय है। प्राचार्य डॉ. नीता राजपूत ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और अतुलनीय योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, ‘उन्होंने जनजातीय विरासत, जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तथा स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन उत्सर्ग कर दिया। ऐसे लोकनायक वंदनीय और पूजनीय हैं।’ मंच संचालन डॉ. सौरभ तिवारी ने किया, जबकि डॉ. प्रवीण कुमार कुशवाहा ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार से डॉ. सतीश ठाकरे, श्रीमती संध्या उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।








