इटारसी। मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के आदेश और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के निर्देशानुसार, शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इटारसी में आज 15 नवंबर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस धूमधाम से मनाया। प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता के मार्गदर्शन में, राष्ट्रीय सेवा योजना (इकाई) और राष्ट्रीय क्रेडिट कोर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में हुआ।
बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश
आयोजन के दौरान भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसके माध्यम से उनके संघर्ष और योगदान को विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया गया।
प्राचार्य ने दिया लक्ष्य, जड़ों से जुडऩे का संदेश
इस अवसर पर, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया और उस पर अमल भी किया। उन्होंने जड़ी-बूटियों से रोगों का इलाज किया और अपने जीवन के उद्देश्य को प्रबल बनाया।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हुए कहा कि आज हमें भगवान बिरसा मुंडा से यह शिक्षा लेनी चाहिए कि हमें अपने जीवन का एक लक्ष्य बनाना है और उसकी प्राप्ति के लिए कठोर मेहनत करनी है। साथ ही, हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना है। उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा ने विपरीत परिस्थितियों में भी आदिवासियों को संगठित करने का प्रयास किया।
जनजातीय कल्याण योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जनजाति कार्य मंत्रालय की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, जिनमें पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, विदेशी छात्रवृत्ति, एकलव्य आवासीय विद्यालय, छात्रावास और व्यावसायिक प्रशिक्षण योजनाएं शामिल थीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (बालक इकाई) के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशुतोष मालवीय, एनसीसी अधिकारी डॉ. मनीष कुमार चौरे, प्राध्यापक डॉ. वीके कृष्णा, डॉ. कनक राज और डॉ. दिनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।








