इटारसी। नगर की धार्मिक परंपरा को जीवंत रखते हुए, लकडग़ंज स्थित प्रतिष्ठित श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर में इस वर्ष भी तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह पूरी श्रद्धा और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। यह दिव्य आयोजन मंदिर में वर्ष 1971 से लगातार होता आ रहा है, जिसने एक बार फिर पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
कन्यादान और विवाह की रस्में
इस शुभ अवसर पर विवाह की सभी रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निभाई गईं।
- तुलसी और शालिग्राम के स्वरूप : विवाह के लिए तुलसी जी के रूप में कुमारी सृष्टि मालवीय और भगवान शालिग्राम के रूप में कुमारी मेघा पटेल ने पात्र बनकर अपनी उपस्थिति दी, जो आकर्षण का केंद्र रहीं।
- वैदिक मंत्रोच्चार : विवाह की सभी धार्मिक विधियां पंडित सत्येंद्र पांडेय और पंडित पीयूष पांडेय द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराई गईं।
- कन्यादान का सौभाग्य : इस पुनीत अवसर पर यजमान के रूप में शिक्षक सुनील दुबे और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती किरण दुबे ने तुलसी का कन्यादान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
उल्लास भरा माहौल और आतिशबाजी
विवाह के दौरान पूरे मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल रहा।
- भव्य स्वागत : बारात के आगमन पर बारातियों का जोरदार स्वागत किया गया।
- मिष्ठान वितरण : सभी उपस्थित भक्तों और श्रद्धालुओं को मिष्ठान (प्रसाद) का वितरण किया गया।
- आतिशबाजी : विवाह की खुशी में हुई जोरदार आतिशबाजी से पूरा आसमान जगमगा उठा और उत्साह दोगुना हो गया।
इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारी और सदस्य अध्यक्ष प्रमोद पगारे, सचिव जितेंद्र अग्रवाल बबलू, कोषाध्यक्ष दीपक जैन, एवं सुरेंद्र राजपूत सोनी, घनश्याम तिवारी, ओमप्रकाश कैथवास, उदित दुबे, शिवराज डोनी, संकल्प मौर्य, मयंक कलोसिया, अशोक सराठे सहित बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी शामिल थीं।










