इटारसी। जंगलों में फलदार पेड़ की कमी से शाकाहारी जानवरों के समक्ष पेट की भूख मिटाने का संकट खड़ा हो गया और वे शहर की तरफ आकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। आज ऐसे ही दो जानवरों को शहर में आकर अपनी जान गंवानी पड़ी है। एक की मृत्यु रेलवे स्टेशन (Railway Station)पर करंट (Current) लगने से और दूसरे की कुत्तों द्वारा नोंचने से हो गयी है। दोनों का पोस्टमार्टम(Post Mortem) करीब 11 बजे बागदेव वन चौकी (Bagdev Forest Post) में कराके अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रेंजर (Ranger)जयदीप शर्मा (Jaideep Sharma)ने बताया कि आज सुबह रेलवे स्टेशन पर एक बंदर हाई वोल्टेज करंट (High Voltage Current)की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। नाकेदार सतीश झांझोट (Satish Jhanjhot)ने बताया कि एक काले मुंह के बंदर ने ट्रेन पर खड़े होकर तार को छू लिया जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। इसी तरह से साईनगर नयायार्ड (Sainagar Nayyard)में जंगल से दाना पानी की तलाश में आए एक करीब छह माह के हिरण के बच्चे को कुत्तों ने घेरकर नोंच लिया जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया और उसकी भी मौत हो गयी। घटना आज सुबह की है, जब एक खेत के पास कुत्तों ने झुंड से भटके एक हिरण के बच्चे को पकडऩे के बाद नोच डाला। जब इसकी सूचना सर्पमित्र रोहित यादव (Rohit Yadav)को मिली तो उन्होंने कुत्तों को भगाया और वन विभाग को सूचना दी। जब तक वनकर्मी पहुंचते, हिरण के बच्चे की मौत हो गयी।
इसलिए भागते हैं शहर की ओर
दरअसल, जंगलों में इन दिनों पतझड़ का मौसम है। सूखे पत्ते और घास की कमी से शाकाहारी पशु भोजन की तलाश में बस्तियों के आसपास खेतों में आकर जान जोखिम में डालते हैं। जंगलों में जलाऊ लकड़ी के लिए ग्रामीण फलदार पेड़ों को काट रहे हैं जिससे भी जानवरों के समक्ष खाने की समस्या है और गर्मियों में पहाड़ी नदियों में पानी की कमी होने से ये प्यास बुझाने भी गांव और शहर के आसपास आ जाते हैं। यहां ये कुत्तों का शिकार बन जाते हैं। जंगल में अब पहले की तरह न तेंदू है, ना अचार। आंवला भी लगभग खत्म हो गये हैं। ऐसे में शाकाहारी जानवरों को भोजन नहीं मिल पाता है।










