इटारसी। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी स्थित पथरोटा क्षेत्र में देर रात एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। केसला की ओर से आ रही एक अनियंत्रित कार तवा नहर की रेलिंग तोड़ते हुए गहरे पानी में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण युवक बाहर नहीं निकल सके और दम घुटने से उनकी जान चली गई।
रेलिंग तोड़कर नहर में समाई तेज रफ्तार कार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रे रंग की एक कार काफी तेज रफ्तार में थी। पथरोटा के पास चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद कार सुरक्षा रेलिंग को तोड़ती हुई सीधे उफनती तवा नहर में जा गिरी। स्थानीय युवाओं ने तत्काल नहर में कूदकर बचाव का प्रयास किया, लेकिन पानी के भारी दबाव और कार के गेट लॉक होने के कारण वे युवकों को बाहर निकालने में असमर्थ रहे।
ढाई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही इटारसी और पथरोटा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पहले जेसीबी मशीनों के जरिए कार को खींचने की कोशिश की गई, लेकिन कार गहराई में होने के कारण प्रयास विफल रहे। इसके बाद नर्मदापुरम से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम को बुलाया। करीब ढाई घंटे के कड़े संघर्ष और क्रेन की मदद से कार को पानी से बाहर निकाला जा सका। कार के भीतर का दृश्य देख बचाव दल भी सन्न रह गया।

पथरोटा थाना प्रभारी संजीव पवार ने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान लक्की पिता भवानीशंकर पटेल 30 वर्ष रैसलपुर, शिवम पिता महेश तिवारी 25 वर्ष ग्राम चीरपानी थाना पथरोटा और अभि पिता राजेश चौहान 20 वर्ष पुरानी इटारसी के रूप में हुई है।
इलेक्ट्रिक लॉक बने मौत का फंदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कारों में पानी घुसते ही इलेक्ट्रिक सिस्टम शॉर्ट हो जाता है, जिससे सेंट्रल लॉकिंग जाम हो जाती है। पानी के दबाव के कारण दरवाजे खोलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि क्या हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या मानवीय चूक की वजह से।
इनका कहना है…
कार के अंदर कांच पर संघर्ष के निशान मिले हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि युवकों ने खिड़कियां तोडऩे की भरपूर कोशिश की थी, लेकिन पानी के भारी दबाव और ऑक्सीजन की कमी ने उन्हें मौका नहीं दिया।
अमृता दीक्षित, प्लाटून कमांडर, एसडीआरएफ*










