इटारसी। आज 11 अक्टूबर 2025 को परियोजना इटारसी में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के वार्षिक कैलेंडर के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में विविध और प्रेरणादायक कार्यक्रम बालिकाओं के सम्मान, शिक्षा, सुरक्षा और पोषण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किये।
कार्यक्रम का शुभारंभ पार्षद श्रीमती गीता पटेल, सभापति नलजल योजना, पार्षद श्रीमती मनीषा अग्रवाल, वन स्टाप सेंटर पूर्व काउंसलर श्रीमती रीना गौर, शिक्षिका श्रीमती कविता उपाध्याय, अधीक्षिका श्रीमती शीला मालवीय अनु जन जाति छात्रावास, अधीक्षिका श्रीमती ज्योति शर्मा एससी गल्र्स हॉस्टल, श्रीमती आशी जैन तथा एएनएम श्रीमती शिवानी झारिया ने दीप प्रज्वलन और कन्या पूजन से किया। नवजात बालिकाओं को उपहार किट वितरित की गई और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभावान बालिकाओं को सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियां
कार्यक्रम में खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। बालिकाओं ने नृत्य, समूह गीत और नाटक के माध्यम से समाज में बालिकाओं के सम्मान, शिक्षा और सुरक्षा का सशक्त संदेश दिया। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए। अतिथियों एवं उपस्थित बालिकाओं ने परिसर में पौधे रोपित किए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। बालिकाओं को सशक्त बनाने आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘अपराजिता अभियान’ का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षक आशी अहिरवार द्वारा अनुसूचित जाति छात्रावास की किशोरी बालिकाओं को सोमवार से आत्मरक्षा की तकनीकें, सतर्कता उपाय और आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय सिखाए जाएंगे।
पोषण माह के तहत विशेष सत्र
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत 11 अक्टूबर की थीम ‘एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों पर जागरूकता’ पर एक विशेष सत्र आयोजित किया। बालिकाओं को एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के पर्यावरण, मिट्टी और जल स्रोतों पर पडऩे वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में बताया गया। उन्हें पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान आंगनवाड़ी परिसरों की सफाई अभियान एवं पर्यावरण जागरूकता रैली भी आयोजित की गई।
प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने कहा, ‘बालिका समाज की नींव हैं, उनकी शिक्षा और सुरक्षा से ही देश का भविष्य सशक्त होगा।’ पर्यवेक्षक श्रीमती अर्चना बस्तवार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। श्रीमती रेखा चौरे ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व को समझाया, श्रीमती राखी मौर्य ने पौधारोपण से प्रकृति से जुडऩे का संदेश दिया। श्रीमती मीना गाठले ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विचार रखे। पोषण अभियान समन्वयक सुश्री हिना खान ने जोर दिया कि सही पोषण हर बालिका का अधिकार है, और हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि हर बेटी स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर बने। श्रीमती दीप्ति शुक्ला ने आभार प्रदर्शन किया।









