रितेश राठौर केसला। आदिवासी बहुल ब्लॉक केसला के ग्राम केसला में लगातार हो रही बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर से बढ़े अत्यधिक बिजली बिलों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। 20 और 21 जुलाई को बिजली आपूर्ति लगातार 7 से 9 घंटे तक ठप रही, जिससे गांव की नल-जल योजना पूरी तरह प्रभावित हुई। तेज गर्मी और उमस के बीच एक-एक बूंद पानी के लिए लोगों को जूझना पड़ रहा है, जिससे छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना सहमति के गांवों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए, जिनके कारण बिजली बिल में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। अधिकांश लोग मजदूरी, कृषि और छोटे व्यवसाय पर निर्भर हैं और इन बढ़े हुए बिलों को चुकाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुराने मीटरों को पुनः लगाया जाए, जिससे बिजली बिलों पर नियंत्रण हो और आम जनता राहत महसूस करे।विरोध दर्ज कराने जब ग्रामवासी केसला विद्युत मंडल कार्यालय पहुंचे, तो उपयंत्री (जे.ई.) कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए। ग्रामीणों ने उन्हें फोन किया, एक बार बात हुई, लेकिन बाद में उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। अंततः ग्रामीणों ने लिखित में आवेदन कार्यालय में ही सौंपा।
विरोध की सूचना मिलने पर पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची, हालांकि उन्हें कोई आवेदन नहीं सौंपा गया। पुलिस की उपस्थिति में विरोध शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे प्रशासनिक स्तर पर व्यापक जनआंदोलन करेंगे।








