इटारसी। जीआरपी इटारसी ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद के अपहरण की साजिश रचकर अपने ही परिवार से 12 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। यह मामला तब सामने आया जब महिला ने अपने परिवार को धमकी भरे संदेश और अपनी बंदी अवस्था की तस्वीर भेजी।
घटना का विवरण
यह घटना 9 सितंबर, 2025 को शुरू हुई। महाराष्ट्र के भुसावल निवासी गौरव महाजन, अपनी पत्नी रवीना और माँ के साथ सचखंड एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12716) में लुधियाना से भुसावल की यात्रा कर रहे थे। जब उनकी नींद खुली तो इटारसी स्टेशन पहुँचने से पहले ही उनकी पत्नी रवीना गायब मिली। पति गौरव महाजन ने तुरंत जीआरपी इटारसी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद गुम इंसान क्रमांक 18/25 के तहत जाँच शुरू की गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने तुरंत संज्ञान लिया और थाना प्रभारी संजय चौकसे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम में प्र.आर. निरंजन पाठक, आर. दीपक सेन और आर. अमित को शामिल किया गया।
तकनीकी जांच से हुआ खुलासा
पुलिस टीम ने रवीना महाजन की तलाश में इटारसी, भोपाल और उज्जैन स्टेशनों के 75 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जाँच की। इस दौरान, पुलिस ने साइबर सेल से भी लगातार तकनीकी मदद ली। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि रवीना इटारसी स्टेशन से उतरकर भोपाल और फिर वहाँ से उज्जैन गई। बाद में वह गुजरात की तरफ जाने वाली ट्रेन में बैठती हुई भी दिखी।
12 सितंबर, 2025 को गौरव महाजन के बड़े भाई सौरभ महाजन के मोबाइल पर एक चौंकाने वाला संदेश आया। इसमें रवीना की एक तस्वीर थी जिसमें वह बंदी अवस्था में दिख रही थी, साथ ही 12 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। रकम न देने पर रवीना को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। यह संदेश खुद रवीना के मोबाइल से भेजा गया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
साजिश का पर्दाफाश और गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने साइबर सेल के सहयोग से लगातार जाँच जारी रखी और आखिरकार 13 सितंबर, 2025 को रवीना महाजन को गुजरात के छोटा उदयपुर जिले के एक गाँव में अमरपुर के एक पोल्ट्री फार्म से खोज निकाला। पूछताछ में रवीना ने स्वीकार किया कि उसने अपने परिवार से पैसे ऐंठने और उन्हें परेशान करने के इरादे से यह पूरी साजिश रची थी। इस कृत्य के लिए रवीना के खिलाफ धारा 308(4) और 62 बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 727/25 दर्ज किया गया है। रवीना को 14 सितंबर को गिरफ्तार कर नोटिस पर रिहा किया गया है, और मामले की आगे की विवेचना जारी है।
इस पूरे ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली टीम में उपनिरीक्षक श्रीलाल पडरिया, प्रधान आरक्षक निरंजन, आरक्षक दीपक सेन, अमित, स्वाति, साइबर सेल संतोष पटेल और जीआरपी कंट्रोल रूम के देवेंद्र शामिल थे। पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने इस विशेष सफलता के लिए टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।









