इटारसी। होली के अवसर पर नाथ संप्रदाय की महिलाओं द्वारा घर-घर जाकर फाग गीत गाने की परंपरा आज भी जारी है। शुक्रवार को हरदा जिले के टिमरनी से आई समुदाय की महिलाओं ने इटारसी स्थित श्री राम लाज में फाग गीत गाकर होली का उत्सव मनाया।
इस अवसर पर केशवानंद धूनी वाले दादाजी के सानिध्य में समाजसेवी मुकेश गांधी ने फाग गीत गाने वाली महिलाओं को साड़ी भेंट की। साथ ही उन्हें गुड़, बताशे और अन्य उपहार सामग्री भी प्रदान की। नाथ समुदाय की महिला रेखा बाई और कला बाई ने बताया कि फाग गीत गाना उनका पुस्तैनी काम है। हर साल होली के मौके पर वे अलग-अलग शहरों और गांवों में जाकर फाग गीत गाती हैं। लोगों से जो सहयोग राशि मिलती है, उससे शीतला अष्टमी पर देवी स्थान पर भंडारे का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि उनका समुदाय मूल रूप से राजस्थान के नागौर जिले से जुड़ा हुआ है। पहले समाज के पुरुष सांप पकड़कर नागपंचमी पर गांव-गांव घूमते थे, लेकिन वन विभाग की सख्ती के बाद यह काम बंद कर दिया गया है। होली के अवसर पर फाग गीतों की गूंज से श्री राम लाज में उत्सव का माहौल बना रहा। गांधी ने बताया कि पिछले 20-25 सालों से महिलाएं हर साल होली पर यहां आती हैं। फाग गीत गाने की परंपरा को आज भी इस समुदाय की महिलाओं ने जीवंत रखा है। आधुनिकता के माहौल में यह परंपरा अब खत्म होती जा रही है।









