- प्रशासन ने छेड़ा ‘क्लीन इटारसी’ अभियान, पहले दिन ही 35 दुकानों पर कटी रसीद
इटारसी। शहर को गंदगी और नशे की गिरफ्त से मुक्त करने के लिए शनिवार को नगर पालिका और पुलिस प्रशासन ने एक्शन मोड में मोर्चा संभाला। स्टेशन रोड और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को ‘नो टोबैको जोन’ बनाने की दिशा में यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अब सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट का धुआं उड़ाना या गुटखा बेचकर सड़कों को लाल करना विक्रेताओं और उपभोक्ताओं दोनों को भारी पड़ेगा।
एक्शन टीम की संयुक्त स्ट्राइक
सड़कों पर उतरी इस संयुक्त टीम ने केवल चेतावनी नहीं दी, बल्कि मौके पर दंड भी वसूला। अभियान का नेतृत्व उप निरीक्षक राहुल पटेल व प्रवीण यादव ने किया, जिसमें एएसआई रामराव उइके, गुलाब तिवारी और पुलिस बल शामिल रहा। वहीं नगर पालिका की ओर से वीरा अहिरवार, कमल आर्य और स्वदेश माहौरिया की टीम ने गुमटी व किराना दुकानों के स्टॉक की जांच की। टीम का संदेश स्पष्ट है—शहर की सुंदरता से समझौता बर्दाश्त नहीं।
नियम तोड़ा तो 200 रुपए का जुर्माना, लाइसेंस पर खतरा
हर विक्रेता को दुकान के सामने वैधानिक चेतावनी लगानी होगी, ऐसा न करने पर कार्रवाई होगी। यदि दुकान के सामने कोई ग्राहक थूकता है या कचरा फैलाता है, तो दुकानदार से 200 रुपए का अर्थदंड वसूला जाएगा। बार-बार नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन दुकान का व्यापारिक लाइसेंस रद्द करने की वैधानिक कार्रवाई भी कर सकता है।
नागरिक स्वास्थ्य और नो टोबैको जोन का लक्ष्य
नगर पालिका और पुलिस के संयुक्त बयान के अनुसार, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन शहर के प्रवेश द्वार हैं। यहां होने वाली गंदगी से शहर की छवि खराब होती है। प्रशासन का लक्ष्य इन क्षेत्रों को पूरी तरह धूम्रपान मुक्त बनाना है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुहिम को केवल सरकारी कार्रवाई न मानकर एक स्वस्थ इटारसी के निर्माण में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।










