होशंगाबाद। जंगल को बचाने, उसे संरक्षित करने के उद्देश्य से एवं जंगल में निवासरत वन्य प्राणियों को सुरक्षित जीवन देने के उद्देश्य से वन्य सीमा से लगे कुछ ग्रामों को ईको सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है। इसमें होशंगाबाद जिले के 58, बैतूल के 3 एवं छिंदवाड़ा जिले के 20 ग्राम शामिल है जिन्हें ईको सेंसिटिव जोन में शामिल किया गया है। शुक्रवार को तत्संबंध में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह, कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व श्री एल.कृष्णमूर्ति, वनसंरक्षक श्री विजय सिंह, एसडीएम सोहागपुर श्री बृजेश सक्सेना व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में बताया गया कि लगभग 28 से 29 हजार हेक्टेयर क्षेत्र ईको सेंसिटिव जोन में लिया गया है। ये ऐरिया वे है जो वन विभाग की सीमा के अंतर्गत आते हैं। इन जोन्स में कोई भी नया कमर्शियल निर्माण प्रतिबंधित रहेगा। वन्य जीव अभ्यारण्य की सीमा से एक किलोमीटर के भीतर या पारिस्थितिक संवेदी जोन के विस्तार तक जो भी निकट हो, किसी होटल या रिजोर्ट का नया संनिर्माण अनुज्ञात नहीं किया जाएगा। सेंसिटिव जोन में नैसर्गिक विरासत का संरक्षण किया जाएगा और पर्यावरण की रक्षा की जाएगी। किसी भी प्रकार की गंदगी व कचरा फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसे सख्ती से रोका जाएगा। इन क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंध का निपटान किया जाएगा। पारिस्थितिक के अनुकूल ही परिवहन का, नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों का उपयोग किया जाएगा। बैठक में संरक्षक श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि शीघ्र ही ईको सेंसिटिव जोन की निगरानी के लिए मॉनीटरिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी में प्रमुख सचिव वन, संभागीय कमिश्नर, कलेक्टर व संबंधित अधिकारी रहेंगे। बैठक में बताया गया कि बफर जोन भी है। साथ ही 3 जिलों के राजस्व भूमि भी है। सभी के खसरे नक्शे भी है। बैठक में कहा गया कि राजस्व भूमि पर आबादी भी रहती है। उसका वेरीफिकेशन कराया जाएगा।
बैठक में कमिश्नर श्री उमराव ने निर्देश दिए कि ईको सेंसिटिव जोन के नक्शे की जानकारी राजस्व विभाग को भी दी जाए। साथ ही एसटीआर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की एक बैठक भी आयोजित कर ली जाए। श्री उमराव ने कहा कि इसके लिए संबंधित ऐरिया की तहसील वह ब्लॉक में भी बैठक आयोजित कर सभी से सुझाव साझा किये जाएंगे। बैठक में बताया गया कि कुछ ग्राम विस्थापित भी हो सकते हैं। एसडीएम बृजेश सक्सेना ने रैनीपानी ग्राम को ईको सेंसिटिव जोन में शामिल करने की बात कही। संरक्षक श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि ईको सिस्टम का जो प्लान तैयार किया जाएगा उसे केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा। कमिश्नर ने बताया कि शीघ्र ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की जाएगी और प्लान तैयार करने में सभी की राय ली जाएगी तथा हर बिन्दु पर केन्द्र व राज्य शासन द्वारा दिये गये निर्देशों व नियम की जानकारी एकत्रित की जाएगी।
बैठक में पचमढ़ी व अन्य टूरिस्ट क्षेत्र में बढ़ते कचरे व प्रदूषण की समस्या पर भी विचार किया गया। श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि उनका विभाग 93 गाइडों को प्रशिक्षित करेगा तथा उन्हें गंदगी व कचरा फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। विधायक श्री विजयपाल सिंह ने कहा कि गाइड के अलावा पोलीथिन में सामान बेचने वाले दुकानदारों, टैक्सी ड्राइवरों को भी इस दिशा में जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। विधायक की मांग पर पर्यटन क्षेत्र मढई में 2 फॉरेस्ट व्हीकल उपलब्ध कराने की सहमति कलेक्टर द्वारा दी गई।
बैठक में ईको टूरिज्म के अंतर्गत किये जाने वाले कार्यो पर चर्चा की गई। कमिश्नर श्री उमराव ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत वन ग्रामों तक गैस सिलेण्डर आसानी से पहुचाने के लिए विशेष उपाय करने के निर्देश कलेक्टर श्री लवानिया को दिये। विधायक श्री सिंह ने ग्राम सांरगपुर की रोड़ को चौड़ा करने के निर्देश दिए। श्री कृष्णमूर्ति ने कहा कि सांरगपुर में 2 एकड़ की राजस्व भूमि यदि मिल जाएं तो उस पर विकासात्मक कार्य किए जाएंगे।
ईको सेंसिटिव जोन हुए घोषित, नये कमर्शियल निर्माण कार्य रहेंगे प्रतिबंधित
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