होशंगाबाद। जिले के बनखेड़ी विकासखंड में खंड स्तरीय कृषि संगोष्ठी भाऊ साहेब भुस्कुटे संस्थान में आयोजित की गई, इसका शुभारंभ प्रदेश के किसान कल्याण व कृषि विकास मंत्री श्री गौरी शंकर बिशेन ने किया। इस अवसर पर उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार और यहां के मुख्यमंत्री किसानों के सबसे बड़े हितैषी है, कम वर्षा के कारण उत्पन्न संकट में भी हम किसानों की पूरी सहायता करेंगे। फसलों का उचित दाम देने के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है सभी किसान इस योजना में 11 अक्टूबर तक पंजीयन कराएं। मंडी में उपज बेचने पर 8 फसलों में योजना का लाभ मिलेगा।
उन्हों ने कहा कि किसान खेत में उचित मात्रा में खाद का उपयोग करें। किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड दिये जा रहे है। इसके तहत पूरे प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक वर्ष में खाद, उर्वरक मिट्टी परीक्षण की सुविधा हो जायेगी। खेती को आधुनिक बनाने तथा लाभ का धंधा बनाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे है।
कृषि मंत्री श्री बिशेन ने कहा कि यदि होशंगाबाद जिले में फसल खराब होती है तो कलेक्टर हर क्षेत्र का ठीक से सर्वे करायें। उन्हें फसल हानि के अनुसार मुआवजा दे। उन्होने कहा कि खेती का कार्य करते हुए किसान यदि दुर्घटना का शिकार हो जाए तथा उसकी मौत हो जाये तो उसके परिवार को मंडी निधि से 4 लाख रूपये की सहायता दी जायेगी। सरकार ने किसानों के लिये अनेक योजनाएं लागू की है। लेकिन कुछ लोग किसानों में भ्रम पैदा कर रहे है। किसान इनके बहकावे में न आएं। उन्होने कहा कि स्वस्थ रहने के लिये अच्छा भोजन आवश्यक है किसान कम से कम अपने खाने के लिये जैविक खेती से अनाज उत्पन्न करें। कृषि मंत्री ने कृषि यंत्रीकरण, पेडी ट्रासंप्लान्टर की जानकारी दी। उन्होने किसानों से कम सिंचाई वाली फसल लगाने की अपील की।
कार्यक्रम में विधायक पिपरिया श्री ठाकुरदास नागवंशी ने क्षेत्र की समस्याओं तथा कम वर्षा से उत्पन्न संकट का जिक्र किया।
कृषि संगोष्ठी में कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने किसानों को भावांतर भुगतान योजना की जानकारी दी और उन्होने उपस्थित किसानों से अपना पंजीयन इस योजना में कराने का अनुरोध किया।
संगोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानो को अवगत कराया कि कम सिंचाई की गेहूं तथा चने के बीज उपलब्ध कराए जा रहे है किसान इसका लाभ लें। संगोष्ठी में कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ डी.के.पहलवान ने जल प्रबंधन तथा कम सिंचाई की फसलों की जानकारी दी। उप संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह ने संगोष्ठी के उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री कुशल पटेल, अंत्योदय समिति के सदस्य श्री हरिशंकर जायसवाल, जिला पंचायत कृषि समिति के अध्यक्ष श्री मनोहर लाल बैंकर, कृषि उपज मंडी की अध्यक्ष श्रीमती खेम कुमारी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कमला मदन गोपाल, श्री अनिल कुमार बरौलिया, श्री हेमराज सिंह, श्री महेन्द्र प्रताप सिंह, संयुक्त संचालक कृषि श्री बी.एल. बिलैया तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों को गेहूं एवं चने के बीज वितरित किये गये।
एक वर्ष में होगी मिट्टी परीक्षण की सुविधा – कृषि मंत्री
For Feedback - info[@]narmadanchal.com








