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बड़ी खबर… सुखतवा के डिप्टी रेंजर व एक नाकेदार निलंबित 

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मामला वन परिक्षेत्र में अवैध उत्खनन व जेसीबी सहित डंपर छोडऩे का
होशंगाबाद/इटारसी। वनपरिक्षेत्र सुखतवा में अवैध उत्खनन के दौरान जब्त जेसीबी और डंपर छोड़ देने के मामले में सामान्य वन मंडल के डीएफओ एके पांडेय ने जांच कराने के बाद डिप्टी रेंजर और नाकेदार को निलंबित कर दिया है। हालांकि मामले में रेंजर पर कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि उनकी रेंज में यह सब हुआ है और उनकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे थे। भूमिका तो एसडीओ की भी संदिग्ध बतायी जा रही थी, कि जांच में उन्होंने इतना लंबा समय क्यों लिया? वन विभाग के सूत्र बताते हैं कि इस मामले में उच्च स्तर पर रिपोर्ट की गयी है।
उल्लेखनीय है कि 15-16 मई की रात सामान्य वनमडंल होशंगाबाद की सुखतवा रेंज में जालीखेड़ा सर्किल की कबेली बीट में पटेल ढाबे के सामने ठेकेदार द्वारा जेसीबी से वन परिक्षेत्र में अवैध उत्खनन करने पर जालीखेड़ा में पदस्थ डिप्टी रेंजर बीएम यादव व नाकेदार मुकेश मकोडिय़ा द्वारा जेसीबी सहित डंपर जब्त करने के बाद छोड़ देने के आरोप में डीएफओ अजय कुमार पांडे ने जांच करायी थी। जांच उपरांत दोनों को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच एसडीओ एसके अवस्थी एक पखवाड़े से कर रहे थी। डीएफओ अजय कुमार पांडे ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद डिप्टी रेंजर बीएम यादव को निलंबित कर सिवनीमालवा रेंज में अटैच किया वहीं नाकेदार मुकेश मकोडिय़ा को निलंबित कर बनखेडी अटैच किया है।
ज्ञात रहे कि जालीखेडा सर्किल में पदस्थ डिप्टी रेंजर यादव व नाकेदार पर वन परिक्षेत्र में अवैध उत्खनन कराने व मौके से जब्त वाहनों को कथित लेनदेन कर छोडऩे का आरोप है। हालांकि डीएफओ अजय कुमार पांडे का कहना है कि दोनों वनकर्मियो को निलंबित करने के बाद उनकी विभागीय जांच भी संस्थापित कराई जायेगी। मौके पर कितना अवैध उत्खनन हुआ है, इसको जांच टीम देख रही है। ज्ञात रहे कि जब वन परिक्षेत्र में सड़क निर्माण करने वाला ठेकेदार अवैध उत्खनन कर रहा था तब संबंधित डिप्टी रेंजर व नाकेदार क्या कर रहे थे? क्या उनके संरक्षण में यह हो रहा था, जो कि जांच का विषय है। इसके अलावा अवैध उत्खनन जैसे मामले के बावजूद रेंजर को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी। आश्चर्य इस बात का है कि मौके से जब्त वाहनों को एक दो दिन खड़ा रखने के बाद बिना कार्रवाई के कैसे छोड़ दिया गया? इसकी भी जांच होनी चाहिए। ठेकेदार व वनकर्मियों के बीच कथित लेनदेन का भी आरोप है, जिसकी चर्चायें हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
सूत्रों की मानें तो एसडीओ द्वारा इस गंभीर मामले में जांच में विलंब पर भी सवाल उठाये जा रहे हैं। बहरहाल होशंगाबाद जिले के सामान्य वनमडंल के डीएफओ अजय कुमार पांडे की इस कार्रवाई से वन महकमे में हड़कंप मच गया है। वन विभाग के सूत्रों की माने तो डीएफओ अजय कुमार पांडे इस मामले मे ठेकेदार के वाहनों को पुन: जब्ती कराकर ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई भी करने की तैयारी में है।

इनका कहना है…!
कबेली मामले में डिप्टी रेंजर और नाकेदार को निलंबित किया है। एसडीओ और रेंजर के विषय में विभाग को लिखा है। मामले में सबकी जिम्मेदारी बनती है। राजस्व और वन विभाग की सीमा को लेकर असमंजस था तो वरिष्ठ अधिकारियों को बताना चाहिए जिससे समस्या का समाधान किया जा सके। ऐसे कोई कैसे वाहन लेकर भाग सकता है। यदि ऐसा हुआ है तो फिर ये अधिकारी क्या कर रहे थे? हम ठेकेदार से पुन: वाहन जब्ती की कार्यवाही करेंगे।
अजय कुमार पांडेय, डीएफओ

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