इटारसी। करीब तीन वर्ष पूर्व के एक बलात्कार के मामले से पुलिस आरक्षक अजय ठाकुर और उसकी पत्नी शिल्पी ठाकुर को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। अदालत के फैसले में आरक्षक अजय ठाकुर और उसकी पत्नी के विरुद्ध बहुचर्चित बलात्कार प्रकरण में न्यायालय श्रीमती वंदना जैन अपर सत्र न्यायालय इटारसी द्वारा आज निर्णय पारित कर दोनों अभियुक्त अजय और शिल्पी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त किया।
फरियादी द्वारा की गई रिपोर्ट में आरोप लाग्या गया कि अजय ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई वर्षों तक बलात्कार किया और अजय ने बाद में अपनी पत्नी से फरियादी की पिटाई भी कराई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर 26 जून 2014 को अपराध अंतर्गत धारा 376,323, 34 भारतीय दंड विधान का अपराध पंजीबद्ध किया। प्रकरण मेंं पैरवी वकील पारस जैन द्वारा की गई।
सिपाही और उसकी पत्नी दोषमुक्त
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