---Advertisement---

10 करोड़ के वनवासी कन्या छात्रावास का भूमिपूजन

By
On:
Follow Us

सेवाभारती का सेवा प्रकल्प लेगा आकार
इटारसी। जीवन में कर्म का फल यही मिलता है। यदि सबसे ऊपर का सुख पाना है तो संस्कार से युक्त होना पड़ेगा। जो आपको अच्छा नहीं लगता है, वह व्यवहार कदापि दूसरों से न करो। कर्म ऐसे करो कि बिगड़ा बन जाए और ऐसा बने कि फिर कभी न बिगड़े। दूसरों को लूटने, खाने, छीनने वाले दानव हैं। मानव वह है जो परोपकार करे। हमारी संस्कृति सर्वे भवंतु सुखिना वाली है।
यह प्रेरणादायी उद्गार रामाजुनाचार्य सम्प्रदाय के स्वामी श्री श्री 1008 श्री सुदर्शनाचार्य महाराज ने यहां सेवा भारती (मध्य भारत) भोपाल के वनवासी कन्या छात्रावास के भूमिपूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वनवासी भी हमारे अपने हैं। प्राचीन काल में संत समाज भी वनों में रहता था। मुख्य अतिथि मप्र विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा ने कहा कि समाज में दानियों की कमी नहीं। कुसुम मालपानी स्कूल के लिए मालपानी परिवार से आर्थिक सहयोग किया। उन्होंने रामनवमी की शुभकामना देते हुए वनवासी कन्या छात्रावास को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि कन्या छात्रावास चलाना काफी कठिन काम है।
it050417 (2)कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त जज और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह प्रांत संघचालक अशोक पांडेय ने कहा कि देश में बहुत सी राष्ट्रघाती शक्तियां हैं, जो वनवासी बंधुओं को बहकाने में लगी हैं। उन्होंने कहा कि बैतूल में जब हिन्दू संगम का आयोजन किया तो वनवासियों के बीच काफी कठिनाईयां आयीं। श्री पांडेय ने कहा कि देश में वनवासियों के बीच काम करने की आवश्यकता है और देश में ऐसे बहुत से प्रकल्पों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेवा हमारी संस्कृति का अंग है, यह नर से नारायण बनने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मन निर्मल होता है तो परमात्मा की प्राप्ति होती है। जो खुद के लिए कमाता है, वो पाप करता है। पश्चिम की संस्कृति भोगवादी है, उसमें असहिष्णुता है जबकि हमारी संस्कृति है, हम कल्याण के साथ भोग करते हैं। आज जरूरत है कि जिनके पास सामथ्र्य है, वे उन लोगों को साथ लेकर आएं जो पिछड़ गए हैं।
बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पहले समाज इस तरह के काम करता था तो देश समृद्धशाली था, आज ऐसे काम सरकार पर छोड़ दिए हैं तो समाज में विसंगति आ गई। उन्होंने कहा कि विदेशों ने धर्म के साथ सेवा को अपनाया और वे आगे निकल गए हैं, हमें फिर से पुराने संस्कारों की ओर लौटना होगा। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती सुधा अग्रवाल ने कहा कि सेवा की श्रंखला में आज बढ़ा कदम सराहनीय है। उन्होंने छात्रावास के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर श्री द्वारिकाधीश मंदिर समिति का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक राजकुमार जैन भी मौजूद थे।
वनवासी कन्या छात्रावास का निर्माण करीब 10 करोड़ की लागत से 40 हजार वर्गफुट में होगा। सेवाभारती के उपाध्यक्ष डॉ. महेन्द्र कुमार शुक्ला एवं श्रीमती आशा शुक्ला ने इस प्रकल्प के लिए अपने पिता रामगोपाल शुक्ला की स्मृति में 75 लाख रुपए दान दिए हैं। रामनवमी पर रामगोपाल शुक्ला का जन्मदिन भी था। डॉ. महेन्द्र कुमार शुक्ला की जन्मभूमि होशंगाबाद जिला है और उनके पिता की यह उनकी कर्मभूमि भी रहा है। जन्मभूमि के ऋण से उऋण होने के लिए यह उनका प्रेरणादायी कार्य है जो आज प्रत्येक व्यक्ति के लिए सबल-समृद्ध हो गया। कार्यक्रम में डॉ. शुक्ला तो अमेरिका में होने के कारण नहीं आ सके, लेकिन संचालन कर रहे प्रदीप खांडेकर ने वहां से मोबाइल पर भेजा उनका संदेश माइक से उपस्थित लोगों को सुनाया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष हरि जैसवाल, पीयूष शर्मा, विधायक प्रतिनिधि कल्पेश अग्रवाल सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।

For Feedback - info[@]narmadanchal.com
Join Our WhatsApp Channel

Related News

error: Content is protected !!
Narmadanchal News
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.