इटारसी। तृतीय अपर जिला न्यायालय इटारसी के न्यायाधीश आदित्य रावत ने ग्राम चांदोन निवासी फूलवती बाई पत्नी छतर सिंह काजले आयु 57 वर्ष को फावड़े से घातक प्रहार करने का दोषी पाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (बी एन एस की धारा 109)में तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच सौ रुपए के अर्थदंड से दंडित किए जाने का दंडादेश पारित किया है। दंडादेश अदा नहीं करने पर तान माह का अतिरिक्त सा श्रम कारावास और भुगता जाएगा।
इस प्रकरण में महिला 81 दिन जेल में बंद रही है अत: न्यायिक हिरासत की अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। इस सेशन केस में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक राजीव शुक्ला ने बताया कि सूचनाकर्ता आहत नर्मदा कलम की पत्नी कमलाबाई ने थाना पथरोटा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 5 अप्रैल 24 को दिन के बारह बजे उसके पति नर्मदा कलम का विवाद सासू मां जमनाबाई से हो रहा था कि तभी आरोपी फूलवती ने आकर कहा कि आपस में लड़ाई क्यों कर रहे हो और कमलाबाई को उसके छोटे बेटे दुर्गाप्रसाद के घर जाने को कहा। उसकी बात सुनकर नर्मदा ने गुस्से में आकर कहा कि तुम क्यों मेरी मां को भड़का रही हो। नर्मदा की इतनी बात सुनकर फूलवती ने पास में पड़े हुए फावड़े से नर्मदा के सिर पर बार किया जिससे उसके सिर में और दाहिने हाथ में चोट लगी। तब कमलाबाई ने ग्राम कोटवार देवेंद्र को मौके पर बुला लिया और डायल 100 को सूचना दी गई।
नर्मदा को मौके से सीधे डीएसपीएम अस्पताल ले जाया गया था। जहा से वह रिफर होकर जिला अस्पताल नर्मदापुरम ले जाया गया था। जहां पर वह होश में आया था। डॉक्टर ने उसका परीक्षण कर सीटी स्कैन किया था जिसमें चोट गंभीर प्रकृति की होना पाई गई थी। इस घटना की रिपोर्ट थाना प्रभारी पथरौटा ने दर्ज की थी। इस सेशन केस में राज्य की ओर से 18 गवाहों का परीक्षण एजीपी भूरेसिंह भदौरिया ने कराया था। न्यायाधीश ने प्रकरण की संपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए एवं एजीपी राजीव शुक्ला के सटीक तर्कों से सहमत होकर आरोपी फूलवती बाई को घातक चोट पहुंचाने का दोषी ठहराया जाकर उक्त सजा से दंडित किया है। आरोपी को एक माह के लिए जमानत का लाभ कोर्ट ने दिया है, उसे जेल नहीं भेजा गया है।








