इटारसी। संस्कृत भारती मध्य भारत द्वारा प्रांतीय आवासीय संस्कृत संभाषण सेंट मैरीज रेजिडेंशियल स्कूल सीहोर में संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण में 10 जिलों से 52 शिक्षक, शिक्षिका, विद्यार्थी और समाजसेवी शामिल हुए जिन्होंने हमारी आधारशीला देवभाषा संस्कृत को बताया। बुद्धपूर्णिमा के दिन प्रात: हवन पूजन भी किया।
इस अवसर पर संस्कृत का अपना महत्व बताया। इस प्रशिक्षण वर्ग में संस्कृत भारती मध्य भारत प्रांत के प्रांतीय संगठन मंत्री जागेश्वर पटले, मालवा प्रांत के कुलपति विजय कुमार, देहरादून के प्रोफेसर डॉ. ललित पंतोले, श्रीमती मीना, कार्यक्रम के संयोजक पृथ्वीराज दुबे, सीहोर जिले के विधायक, कवि, लेखक, जिला शिक्षा अधिकारी आदि उपस्थित रहे। सात दिनों तक संस्कृतमय वातावरण रहा। सभी ने संकल्प लिया कि हमारी देवभाषा संस्कृत है, तो संस्कृति जीवित है।
समाज में हम इसका दिन प्रतिदिन प्रचार प्रसार अवश्य करेंगे, जन-जन तक संस्कृत भाषा पहुंचने का प्रयास करेंगे, बदलते युग को संस्कृत युग बनाएंगे। संभाषण शिविर में सिवनी मालवा से नामदेव मानकर, पवन शर्मा, उमेशचंद्र शर्मा, दिव्यांश शर्मा, बनखेड़ी से नीरज पचौरी, हीरेश्वरी सुमन, बाबई से प्रकाश चंद्र, आष्टा से अजेंद्र यादव, नर्मदापुरम से कृष्णा दायमा, गाडरवारा से चंद्रशेखर बसेडिय़ा, ग्वालियर से पिंकी, राजगढ़ से निवेदिता, भोपाल से लक्ष्मी उपाध्याय, साकेत नगर से रोमन, विधापीठम एवं स्थानीय विधालय से छात्र उपस्थित थे।









