इटारसी। जो लोग माता पिता और गुरु की सेवा करते हैं, जो लोग बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते हैं। वह सदा ही आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति कर लेते हैं। इसी प्रकार जो बच्चे जल्दी उठते हैं वह सभी विधाओं को प्राप्त कर लेते हैं। भगवान श्रीराम (Lord Shri Ram) ने भगवान होकर भी यही किया। प्रात:काल उठी रघुनाथा, माता पिता गुरु नाबहि माथा। अर्थात भगवान श्रीराम बचपन में प्रात काल उठकर अपने माता पिता और गुरु को प्रणाम करते थे। इसलिए उन्होंने अल्पकाल में ही सारी विद्या प्राप्त कर ली। इसलिए आजकल के विद्यार्थियों को राम के चरित्र से शिक्षा लेनी चाहिए।
उक्त उद्गार श्री द्वारकाधीश बड़ा मंदिर प्रांगण (Shri Dwarkadhish Bada Mandir Courtyard) में श्री रामजन्म महोत्सव समिति (Shri Ram Janma Mahotsav Committee) द्वारा आयोजित संगीतमय श्री रामकथा के पंचम दिवस पर गुना से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास शाश्वत जी महाराज ने व्यक्त किए। बुधवार की कथा में उन्होंने माता जानकी और श्री राम के विवाह के प्रसंग सुनाकर भक्तों गणों को मोहित कर दिया। इस अवसर पर श्री राम विवाह की झांकी सजायी गयी। वहीं विवाह के भजनों पर श्रोतागण झूम उठे। आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक विधायक डॉ सीतासरन शर्मा (MLA Dr Sitasaran Sharma) संरक्षक प्रमोद पगारे (Patron Pramod Pagare), अध्यक्ष सतीश अग्रवाल सांवरिया (President Satish Aggarwal Sanwaria), कार्यकारी अध्यक्ष जसवीर सिंह छाबड़ा (Working President Jasvir Singh Chhabra) एवं सचिव एडवोकेट पं अशोक शर्मा (Secretary Advocate Pt Ashok Sharma) सहित सदस्यों ने व्यास पीठ का पूजन एवं महाराज श्री का स्वागत किया।
बच्चों को प्रात:काल के यह संस्कार जीवन में उतारना चाहिए


Rohit Nage
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