इटारसी। ग्राम ढाबा खुर्द के जैविक खेती करने वाले किसान को संस्कृति मंत्रालय के विजन डाक्यूमेंट ‘द विजन आफ अंत्योदयÓ में स्थान मिला है। इस पुस्तक का विमोचन 12 फरवरी को उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू ने अपने निवास पर एक समारोह में किया। पुस्तक में देश की जिन प्रतिभाओं के कार्यों को शामिल किया है, उनको भी आमंत्रित किया गया था।
ग्राम ढाबाखुर्द के युवा कृषक प्रतीक शर्मा को ‘द विज़न आफ अंत्योदयÓ में स्थान मिला है। प्रतीक ग्राम सेवा समिति रोहना और निटाया के जैविक बाजार में अपने उत्पाद लाते हैं और समिति के सदस्य हैं। उनकी इस उपलब्धि पर समिति ने शनिवार को उनके ही खेत पर एक सम्मान समारोह आयोजित कर प्रतीक और इस कार्य में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली उनकी पत्नी प्रतीक्षा शर्मा को भी सम्मानित किया। समिति के मार्गदर्शक सुरेश दीवान, प्रो. कश्मीर सिंह उप्पल के नेतृत्व में जमानी से हेमंत दुबे, हरदा से नन्हेंलाल भाटी, मोहनीश बादर, इटारसी से डॉ. अनिल सिंह, डॉ. श्रीमती सुनीता सिंह, रोहना से रूपसिंह राजपूत, धर्मकुंडी से राकेश गौर, निरखी से रामकृष्ण रघुवंशी, पूर्व सरपंच रामविलास रघुवंशी, रामनगर जैविक कृषि केन्द्र से चंदा जॉबी, विनोद वर्मा और रामकिशन पटेल, बनखेड़ी कृषि अनुसंधान केन्द्र से डॉ. बृजेश कुमार एवं डॉ. देवीदास पटेल सहित अनेक जैविक खेती किसान मौजूद थे।
बता दें कि ग्राम ढाबाखुर्द में जन्में प्रतीक शर्मा ने बैंक में रीजनल मैनेजर की अच्छे खासे पैकेज की नौकरी छोड़कर अपनी जन्मस्थली में आकर खेती करने का निर्णय लिया था। उन्होंने कोटक महिन्द्रा बैंक में रीजनल मैनेजर की नौकरी 2015 में छोड़ी और ढाबाखुर्द में आकर जैविक खेती शुरु की। उनकी पत्नी प्रतीक्षा शर्मा ने भी उनके साथ नौकरी छोड़ी और अब वे भोपाल में जैविक उत्पाद के कलेक्शन सेंटर को संभालकर प्रतीक का साथ निभाती हैं।
ढाबाखुर्द के किसान को मिला संस्कृति मंत्रालय के विजन डाक्यूमेंट में स्थान


Rohit Nage
Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.
For Feedback - info[@]narmadanchal.com






