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नवरात्रि विशेष … अदभुत मातेश्वरी कंकाली माता : पूरी करती सबकी मुराद

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* राजधानी से पंकज पटेरिया :
राज राजेश्वरी, मातेश्वरी कंकाली माता अद्भुत है और अद्भुत है उनकी लीलाएं । उनके द्वार से कभी कोई खाली झोली नहीं जाता। माता रानी की कृपा से सभी की मनोतिया पूरी होती हैं।राजधानी भोपाल से कोई 18 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के गोदावाल गांव में कंकाली माता का अत्यंत प्राचीन करीब डेढ़ सौ साल पुराना भव्य मंदिर है।जिसकी स्थापना 1731 में हुई थी, ऐसा बताया जाता है। कंकाली माता की अद्भुत विशेषता यह है की देवी मां की गर्दन 45 डिग्री तक एक और झुकी है। जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के कोई हरपाल मीणा जी को सपना आया था। माताजी ने सपने में कहा मैं भूमि में हूं, मुझे बाहर निकालो। तब उन्होंने स्वजनों और ग्रामवासियों से चर्चा कर माता जी की मूर्ति बाहर निकाली और वहां स्थापना की। शुरू में माता रानी एक मढिया में विराजमान थी, लेकिन आज एक भव्य मंदिर यहां आकार ले रहा है।
जन चर्चा यह भी है कि यूपी के कोई बाबा मोहनदास आए थे। वह कुटिया बनाकर करीब 40 वर्ष यहां रहे, तभी प्रतिमा मिली थी और वे यहां सेवा करते रहे। बाद में बाबा मंगल दास जी के सानिध्य में व्यवस्थाएं चल रही है। अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति भी इस कार्य में समर्पित भाव से सेवारत हैं। जन सहयोग से मंदिर निर्माण हो रहा है। करीब 2300 हजार वर्ग फिट में मंदिर के अंदर 10000 फीट का एक हाल भी है जिसमें एक भी पिलर नहीं है।
कंकाली माता वास्तव में काली मां है जिनकी 20 भुजाएं हैं। माताजी की प्रसिद्धि देशभर में हैं। नवरात्रि में यहां विशाल मेला लगता है। माता रानी के दर्शन करने दूर-दूर से लोग आते हैं। चुनरी यात्रा आती है। नवरात्रि के दिन ही पूर्णाहुति के समय 1 मिनट के लिए देवी मां की गर्दन सीधी हो जाती है। जो कोई भी इस आल्लादकारी दिव्य क्षण का साक्षी हो पाता है, उसकी सारी मन्नत पूरी हो जाती हैं। माता रानी के दरबार में छोटे बड़े सभी माथा टेकने हाजिर होते रहते हैं सभी की मनोतियां पूरी होती हैं। खासतौर से कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की कामना, संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाली स्त्रियां यहां दीवाल पर पीछे गोबर के हाथों के छापे लगाती हैं। मनोकामना पूरी होने पर हाथों की छाप सीधी कर श्रद्धा भक्ति से प्रसादी अर्पण करती, श्रद्धालु भंडारी करते हैं। अष्टकोण मंदिर के हर कोण में विभिन्न देवी देवताओं की मनोहारी भव्य प्रतिमाएं विराजी हैं। मंदिर आने पर कंकाली माता के दर्शन कर एक अलौकिक आनंद की अनुभूति होती है। नर्मदे हर
नर्मदे हर

PATERIYA JI
पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार
सेक्टर सेक्टर 5, हाउस नंबर 55
ग्लोबल पार्क सिटी, कटारा हिल्स भोपाल
9340244352 ,9407505651

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