इटारसी। पथरोटा से आयुध निर्माणी जाते समय मुख्य मार्ग पर ग्राम पांडूखेड़ी है। यह गांव मूलत: आदिवासियों का है। यहां पर एक केवट परिवार रहता है जिसके मुखिया मदन केवट हैं। वह हलवाई एवं कैटरिंग का कार्य करते हैं।
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और पांडुखेड़ी के मुख्य प्रवेश पर ही एक मंदिर है, मंदिर के सामने विशाल प्रांगण में मां भुवनेश्वरी नौ देवी दरबार प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्रि में विराजित किया जाता है। आयोजन का यह 22 वॉ वर्ष है। आसपास के ग्रामीण अंचल के आदिवासियों के अलावा कुर्मी समाज के परिवार भी इस आयोजन में सहयोग करते हैं। प्रतिदिन आसपास के ग्रामीण और उनके परिवार जन मां भुवनेश्वरी नौ देवी दरबार के सामने गरबा एकल एवं युगल नृत्य करते हैं। ग्राम नागपुर कला की बालिकाओं को कुमारी रिचा चिमानिया कोरियोग्राफर के रूप में गरबे के लिए तैयार करती हैं एवं आधुनिक वेशभूषा के साथ यह बालिकाएं गरबा प्रस्तुत करती है। मदन केवट कोई आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है, उनका कहना है कमाई का कुछ हिस्सा वह साल भर जोड़ कर रखते हैं। उसके अलावा उनके साथी, सहयोगी मदद करते हैं। पंडालों में एक प्रतिमा स्थापित करने में बहुत खर्च आता है। फिर यहां तो 9 प्रतिमाएं एक साथ विराजित हैं, और प्रतिदिन धार्मिक आयोजन भी होते हैं।
11 दिवसीय आयोजन में कार्तिक महतो, प्रवीण चिमानिया, राहुल महालहा, अमित रावत, अंकित रावत, राहुल चौधरी, योगिराज पटेल, सचिन महतो, अंकित एवम नीतेश केवट सेवा देते हैं। ग्रामीण परिवेश में स्थानीय निवासी राजेश पटेल गजब का संचालन करते हैं। यहां खेल खिलौने का छोटा बाजार भी लग जाता है रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक ग्रामीण जमकर आनंद उठाते हैं, इटारसी से दूर होने के कारण और ग्राउंड जीरो से कवरेज न होने के कारण मीडिया की सुर्खियों से भी यह कार्यक्रम दूर रहता है निश्चित ही मां भुवनेश्वरी नौ देवी दरबार मंडल का आयोजन अद्भुत और निराला है जिसके दर्शन किए जाने चाहिए।
यहां ग्रामीण स्थापित करते हैं नौ देवियां, होता है सामूहिक पूजन


Rohit Nage
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