ज्ञान विज्ञान की जड़ों को हिला देने वाला सच
नर्मदापुरम। समर्थ सद्गुरु की निराहार नर्मदा परिक्रमा दुनिया के लिए आश्चर्य बनी हुई है। मां नर्मदा धरा, धेनु, प्रकृति पर पूर्ण केंद्रित अकल्पनीय अखंड निराहार महाव्रत साधना अकल्पनीय है।
मां नर्मदा पथ के परम तपस्वी तपोमूर्ति महायोगी समर्थ सदगुरु दादागुरु का अकल्पनीय निराहार साधना महाव्रत आज देश दुनिया के लिए एक रहस्य बनता जा रहा है। देश दुनिया के एक मात्र ऐसे संत जिन्होंने प्रकृति, धरा, धेनु नर्मदा पर केंद्रित जीवन को जीकर उनके महिमा महत्व सामथ्र्य की जीवंत मिशाल बने। अकल्पनीय किंतु प्रमाणित जीवंत सत्य। एक अपराजित महायोगी जिसने ज्ञान विज्ञान की जड़ों को हिला दिया। निराहार होने के बावजूद दादागुरु की नित्य दैनिक अकल्पनीय दिनचर्या विगत 29 माह से अखंड निराहार नर्मदा प्रकृति मात्र जल पर चल रही।
आज नर्मदापुरम आगमन
समर्थ दादागुरु की अखंड निराहार परिक्रमा का आगमन होगा। परिक्रमा विभिन्न चौक चौराहे से होते हुए सेठानी घाट पहुंचेगी। परिक्रमा रूट इस प्रकार रहेगा। तवा पुल, निमसाडिय़ा, जासलपुर, चक्कर रोड (समेरिटन स्कूल), जेल के सामने, मीनाक्षी चौक, एनएमबी कॉलेज, टैक्सी स्टैंड, सतरास्ते, अमर चौक, हलवाई चौक, सराफा चौक, सेठानी घाट पहुंचेगी जहां महाआरती एवं दादागुरु का संवाद होगा।








