इटारसी। सिंधी समाज का धार्मिक आस्थाओं का पर्व झूलेलाल चालीहा महोत्सव (Jhulelal Chaliha Festival) इस वर्ष 22 जुलाई सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। समाज के अनेक सदस्य भगवान श्री झूलेलाल चालीहा का चालीस दिन का व्रत रखेंगे और कठिन नियमों का पालन करेंगे।
इटारसी (Itarsi) में इस पर्व का यह 26 वॉ वर्ष है जो 1999 में छोटे से रूप में प्रारंभ हुआ था। आज यह चालीहा महोत्सव भव्य रूप ले चुका है और अनेक शहरों से भक्त आकर यह व्रत रखते हैं, आरती में शामिल होते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चालीहा व्रत मनोकामना पूर्ण व्रत भी कहलाता है। चालीहा व्रत में सात्विक जीवन जीना होता है, जमीन पर सोना होता है, बाल, दाढ़ी नाखून नहीं काटते, दूध या दूध से बनी हुई चीज नहीं खानी होती है, लहसुन, प्याज का उपयोग नहीं किया जाता है।
भगवान श्री चालीहा व्रत महोत्सव तारीख 22 जुलाई 2024 दिन सोमवार से प्रारंभ हो रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे से अखंड ज्योत पूजन एवं भगवान श्री झूलेलाल की आरती से प्रारंभ होगा एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की जाएगी। चालीहा व्रत का समापन 1 सितंबर दिन रविवार को गुजरात (Gujarat) भरूच (Bharuch) के ठकुर साईं मनीष लाल (Sai Manish Lal) के सानिध्य में धूमधाम से होगा। चालीस दिन रोज सुबह 8:30 एवं रात्रि 9:30 बजे आरती, पल्लव प्रार्थना होगी।









