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न्यूज अपडेट : सरकारी वकील ने कहा, मृत्युदंड दिया जाए

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बहुचर्चित हत्या एवं बलात्कार मामले का फैसला लगभग डेढ़ साल बाद आया
इटारसी। कोचिंग से घर लौट रही एक छात्रा से रेप और पत्थर से कुचलकर हत्या करने वाले आरोपी अभिलाष दुधमल को कोर्ट ने हत्या मामले में आजीवन कारावास और रेप मामले में दस वर्ष की सज़ा सुनाई है। मप्र अपराध पीडि़त प्रतिकर योजना के तहत पीडि़ता के परिजनों को जिला विधिक सहायता की ओर से दो लाख रुपए का प्रतिकर देने के आदेश भी दिए हैं। आरोपी पर दोनों मामलों में पांच-पांच सौ रुपए अर्थदंड भी लगाया है तथा अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास का आदेश भी पारित किया है।
अपर प्रथम सत्र न्यायाधीश राजीव सिंह ने आरोपी अभिलाष दूधमल उर्फ़ मोंटी पिता रमेश दुधमल 22 वर्ष निवासी 18 बंगला को हत्या के मामले में आजीवन कारावास तथा बलात्कार के मामले में दस साल की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त शासन की ओर से छात्रा के परिवार को दो लाख रूपए प्रतिकार के रूप में देने का आदेश पारित किया है। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक हरिशंकर यादव ने की। 8 सितंबर 2015 को ओवर ब्रिज के नीचे 18 बंगले में हुए इस रेप एवं हत्याकांड का फैसला करीब डेढ़ वर्ष में आ गया।
यह था मामला…।
8 सितंबर 2015 की सुबह पुलिस थाना इटारसी को सूचना प्राप्त हुई थी कि रेलवे रनिंग रूम के पीछे ब्रिज के नीचे एक लड़की की लाश पड़ी है, जब पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तो लाश के पास काफी भीड़ थी। लाश के पास ही एक पिट्टू बैग पड़ा था जिसमें कुछ किताब कापियां थी, पिट्टू बैग से प्राप्त एक कापी पर लिखे नंबर पर पुलिस ने फोन किया तो यह अब्दुल अमीन ने उठाया। उसे घटना स्थल पर बुलाया गया। यहां आकर उसने शव को देखकर बताया कि वह मृतका का भाई है। मर्ग कायम किया तथा फिर एफआईआर की गई। मृतका के शव का दो डाक्टर्स ने पोस्टमार्टम किया। अभियुक्त को 12 सितंबर को गिरफ्तार किया कर संपूर्ण विवेचना कर अभियोग पत्र 7 दिसंबर 15 को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी इटारसी श्री संजय जैन की अदालत में पेश किए जहां से यह अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में ट्रांसफर कर प्रस्तुत किया गया। प्रकरण के दौरान बचाव पक्ष के वकील रमन पालीवाल ने कहा था कि अभियुक्त को कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है, वह गरीब व्यक्ति है जो हनुमानधाम मंदिर के पास फूल-प्रसाद का विक्रय कर अपना जीवन यापन करता है। यह भी कहा कि यदि न्यायालय द्वारा उसे दोषसिद्ध ठहराया ही जाता है तो उसे उक्त परिस्थिति पर विचार करते हुए न्यूनतम दंड से दंडित किया जाए। प्रकरण के दौरान अभिलाष दुधमल 12 सितंबर 2015 से लगातार न्यायिक हिरासत में ही था। राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक हरिशंकर यादव ने कोर्ट में दलील दी कि यह प्रकरण राज्य की ओर से चिन्हित प्रकरण की श्रेणी में रखा गया है क्योंकि युवती की उक्त हत्या से संपूर्ण इटारसी शहर में अत्यधिक तनाव पैदा हो गया था। अभियुक्त का कृत्य विरल से विरलतम श्रेणी में आता है। अत: उसे कठोर दंड, यदि संभव हो तो मृत्युदंड से दंडित किया जाए। उन्होंने अपनी दलीलों में घटना का विवरण देते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर दंड का अनुरोध किया।

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