इटारसी। जनपद पंचायत केसला के सभागार में आज ग्राम पंचायत पथरोटा द्वारा निर्मित 13 दुकानों की नीलामी का ग्रामीणों ने यह कहते हुए विरोध किया, कि इन दुकानों की नीलामी में शामिल होने का सिर्फ पथरोटा पंचायत के लोगों को हक है, इटारसी के लोग इसमें शामिल नहीं हो सकते। ग्रामीणों के तीखे विरोध के बाद पांच सदस्यीय टीम ने नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। अचानक नीलामी निरस्त करने से बोलीकर्ताओं ने आपत्ति ली, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी तो उन्होंने वापस इटारसी आकर एसडीएम को ज्ञापन दिया है।
आज 15 जुलाई को ग्राम पंचायत पथरोटा में नवनिर्मित 13 दुकानों के संबंध में आमंत्रण-नीलामी प्रक्रिया जनपद पंचायत केसला में आयोजित की गई थी। इस दौरान सचिव ने उम्मीदवारों से 14 जुलाई शाम 6 बजे तक 5 हजार रुपए की राशि भागीदारी बनने के लिए पंचायत के खाते में जमा करा ली थी। इसी तारतम्य में 15 जुलाई को जनपद पंचायत केसला के एक भवन में 46 उम्मीदवारों के 61 आवेदनों के अलावा भी अन्य बाहरी लोगों की भीड़ इक_ी हो गई। यहां साठ से अधिक लोग पहुंच गये थे।
ग्राम पंचायत पथरौटा के निवासियों ने इटारसी तहसील के उम्मीदवारों का विरोध कर दिया। उनका कहना था सिर्फ ग्राम पंचायत पथरोटा के ही निवासी पात्रता के हकदार हैं। इस विरोध के बाद नीलामी समिति में बैठे 5 सदस्यों ने इस नीलामी प्रक्रिया को स्थगित कर दिया।
इटारसी के बोलीकर्ताओं ने एक आवेदन सीईओ केसला के नाम और दूसरा आवेदन तहसील के सभी बोलीकर्ताओं ने एसडीएम को दिया। बोलीकर्ताओं ने कहा कि अब एसडीएम की उपस्थिति में ही नीलामी प्रक्रिया को फिर से कराया जाए, जिससे असंमजस कि स्थिति निर्मित न हो सके। बोलीकर्ता कमल आसरे ने कहा कि गांव के लोगों की आपत्ति के बाद प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है, जबकि ऐसा कोई नियम निविदा के वक्त नहीं था। हमने एसडीएम को ज्ञापन देकर विधिवत नीलामी प्रक्रिया कराने की मांग की है। एक अन्य बोलीकर्ता का कहना है कि पथरोटा पंचायत के लोगों ने विरोध किया तो बोली निरस्त कर दी। निविदा में ऐसी कोई शर्त नहीं थी, जैसा पथरोटा के ग्रामीणों ने विरोध के वक्त कहा है। नीलामी प्रक्रिया पुन: होना चाहिए।








