इटारसी। बूढ़ी माता प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत पुराण जी की “ज्ञानगंगा” कथा के छठे दिन धूमधाम से रुक्मणी विवाह महोत्सव मनाया गया।
कथावाचक महाराज सुशीलनंद द्वारा विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।इस अवसर पर सबसे पहले भगवान श्रीकृष्ण की बारात निकाली गई, जिसमें सभी श्रद्धालु बाराती बनकर नाच-गाकर आनंदित हुए। बारात के बाद, विवाह की रस्मों को निभाया गया, जिसमें रुक्मणी और श्रीकृष्ण की वरमाला और पाद पूजन (पैर पूजने) का आयोजन हुआ।
इस पूरे आयोजन में भक्तों ने भरपूर उत्साह और आनंद का अनुभव किया। इस अवसर पर, श्री गौड़ मालवीय ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ मंडल अध्यक्ष प्रेमनारायण मालवीय, संरक्षक गया प्रसाद मालवीय, समस्त पदाधिकारी, महिला मंडल, और श्री महादेव चाय पार्टी ने व्यास गद्दी पर विराजमान कथावाचक सुशीलनंद महाराज का शॉल, श्रीफल और मालाओं से पूजन कर सम्मान किया।
यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव का एक अनूठा संगम रहा, जिसने सभी श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।










