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पीपलढाना में बिजली के तार से करंट लगने से 4 भैंस और 1 गाय की मौत, गरीब परिवार सदमे में

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  • पीडि़त परिवार ने बिजली विभाग से की मुआवजे की मांग

इटारसी। तहसील इटारसी के पीपलढाना गांव में बिजली के तार से करंट लगने के कारण एक गरीब आदिवासी परिवार की 4 भैंस और 1 गाय की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और पीडि़त परिवार सदमे में है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना रविवार को हुई जब पीपलढाना निवासी हरिसिंह गोंड की पत्नी पशुओं को चराने के लिए गई थीं। तभी अचानक जमीन पर गिरे बिजली के तार से करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर परिवार की 4 भैंस और 1 गाय ने दम तोड़ दिया। यह देखकर महिला घबरा गई, लेकिन सौभाग्य से वह खुद करंट लगने से बच गईं।

हरिसिंह गोंड ने बताया कि उनका पूरा परिवार इन पशुओं के दूध बेचकर ही अपनी आजीविका चलाता है। यह उनके लिए रोजग़ार का एकमात्र साधन था। इस घटना के बाद उनके परिवार पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है। मामले में ग्राम पंचायत सचिव मनीष राजपूत ने पीडि़त परिवार से आवेदन बनवाकर पुलिस थाना पथरोटा भेजा है। श्री राजपूत ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जानवरों का पीएम करेगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी और पीडि़त परिवार को मुआवजा मिल सकेगा। उन्होंने इस संबंध में पटवारी को भी सूचना भेजी है।

घटना की जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता विनोद वारिवा मौके पर पहुंचे और पीडि़त परिवार से मिलकर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने तत्काल बिजली विभाग से संपर्क कर इस घटना की जानकारी दी और मांग की कि गरीब परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाए। वारिवा ने कहा कि बिजली विभाग को ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर निरीक्षण करना चाहिए और नुकसान का आकलन करना चाहिए।

मप्र में करंट से पशुओं की मौत पर मुआवजे के नियम

मध्य प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं में पशुओं की हानि होने पर पशुपालकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए नियम बनाए गए हैं। बिजली के करंट से पशुओं की मौत भी इन नियमों के तहत आती है। मध्य प्रदेश शासन की पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजनाओं के अनुसार, बिजली के करंट से पशुओं की मौत होने पर निम्नलिखित प्रावधान हैं।

  • पशुहानि होने पर सहायता : पशु की मृत्यु की पुष्टि होने पर, पशुपालक को निर्धारित राशि का मुआवजा दिया जाता है।
  • मुआवजे की राशि : मुआवजे की राशि पशु के प्रकार और मूल्य पर निर्भर करती है। आमतौर पर, भैंस और गाय की मृत्यु पर 30,000 रुपए तक की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि समय-समय पर सरकार द्वारा संशोधित की जा सकती है।
  • आवेदन प्रक्रिया : पीडि़त परिवार को घटना की तत्काल सूचना स्थानीय प्रशासन (जैसे पटवारी, ग्राम पंचायत) और बिजली विभाग को देनी चाहिए। इसके बाद, उन्हें मुआवजे के लिए आवेदन करना होगा।
  • आवश्यक दस्तावेज : आवेदन के साथ, पशु की मृत्यु का प्रमाण पत्र (पशु चिकित्सक द्वारा जारी), घटना की पुलिस रिपोर्ट (अगर दर्ज कराई गई हो), और अन्य संबंधित दस्तावेज जमा करने होते हैं।

इस घटना में हरिसिंह गोंड और उनके परिवार को जल्द से जल्द स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग से संपर्क कर मुआवजा राशि के लिए आवेदन करना चाहिए। यह आवश्यक है कि बिजली विभाग इस मामले में संवेदनशीलता दिखाए और त्वरित कार्रवाई करे, ताकि इस गरीब परिवार को राहत मिल सके।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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