इटारसी। नर्मदापुरम रोड पर खेड़ा नहर के पास बना प्रमुख फ्लाईओवर, जिसे यातायात को सुगम बनाने के लिए बनाया गया था, अब खुद एक बड़ा खतरा बन गया है। इस पुल की खस्ताहालत इतनी गंभीर है कि इस पर सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा है। पुल की सतह पर तीन से चार इंच चौड़े और आधा फुट से अधिक गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो हर दिन हादसों को न्योता दे रहे हैं। लगातार खबरें आने के बाद रेलवे के संबंधित विभाग ने इसके मरम्मत की लीपापोती शुरु की है, जो एक या दो बारिश में धुल जाएगी। जरूरत है, मरम्मत की रस्म अदायगी के स्थान पर इसके रोड के पुनर्निर्माण की।
यह पुल शहर के साथ-साथ नर्मदापुरम, भोपाल, और आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी जोड़ता है। इस पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें स्कूल बसों में आने-जाने वाले बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह फ्लायओवर अपनी क्षमता से अधिक भार झेल रहा है, जिससे इसकी हालत लगातार बिगड़ रही है।
निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब यह पुल अपने घटिया निर्माण के कारण चर्चा में आया है। निर्माण के बाद से ही इसकी तकनीकी खामियां सामने आती रही हैं। करोड़ों की लागत से बनी इस रेलवे परियोजना की ऐसी दुर्दशा ने निर्माण में इस्तेमाल हुई घटिया सामग्री और तकनीकी मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि खराब गुणवत्ता के कारण ही यह पुल कुछ ही वर्षों में जर्जर हो गया है।
अधिकारियों की टालमटोल जारी
जे.आर.यू.सी.सी. के सदस्य राजा तिवारी ने इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया से भी इस संबंध में शिकायत की है, और वह उच्च स्तर पर बात कर रही हैं। पूर्व में भी शिकायत के बाद एक जांच टीम ने मौके का दौरा किया था और डामर के नमूने भी लिए थे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
इनका कहना है…
- मतीन खान, रेल अधिकारी : ‘मैं अभी बाहर हूँ, लेकिन हमने उस पुल की सड़क की मरम्मत के आदेश दे दिए हैं और मरम्मत का कार्य प्रारंभ हो गया है। जल्द ही मरम्मत कार्य पूर्ण करके इसे सुधारा जाएगा।’
- राजा तिवारी, जेडआरयूसीसी सदस्य : ‘हमने पूर्व में भी शिकायत की थी। संबंधित अधिकारी वर्षों से यहां पदस्थ हैं, वे किसी की सुनते नहीं हैं। अभी राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया से शिकायत की है, वे उच्च स्तर पर बात कर रही हैं।’
- उत्तम पथरोयिा, राहगीर इटारसी : ‘मैं यहां से रोज आना-जाना करता हूं, रात के वक्त अधिक डर लगता है। दिन में भी इसमें इतने गड्ढों के बीच से होकर बाइक निकालना जोखिम भरा होता है। जनप्रतिनिधियों को इस पर ध्यान देकर समस्या का निदान कराना चाहिए।’
- साहिल बरखने, राहगीर रैसलपुर : ‘ब्रिज के मार्ग में तीन से चार इंच चौड़े और करीब आधा फुट से अधिक गहरे गड्ढे हो गये हैं। हम ग्राम रैसलपुर से इटारसी आना जाना करते हैं, यहां बच्चों का स्कूल भी है, जो यहीं से आते-जाते हैं, प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, ऐसा प्रतीत हो रहा है। क्या हादसे के बाद ही अधिकारी जागेंगे?’









