इटारसी। पुरानी इटारसी स्थित हाउसिंग बोर्ड की आवासीय कॉलोनी पलकमति नगर में एक भूखंड पर बन रहे इनडोर स्टेडियम को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। दूसरी ओर, मप्र गृह निर्माण मंडल ने भी नगर पालिका को पत्र लिखकर इस निर्माण को तत्काल हटाने को कहा है।
कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल जिला कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र तोमर, अमोल उपाध्याय, पंकज राठौर और अशोक जैन ने प्रेस वार्ता में बताया कि 87.41 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस स्टेडियम का निर्माण एक ऐसे भूखंड पर किया जा रहा है, जो पहले ही विवादित है। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह भूखंड वर्ष 1999 में नर्सरी स्कूल के लिए आरक्षित था और बाद में सेंट्रल एकेडमी प्रोग्रेसिव सोसाइटी को आवंटित कर दिया गया था। सोसाइटी और हाउसिंग बोर्ड के बीच लीज डीड को लेकर विवाद चल रहा है, जिसका मामला अभी भी जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट ने इस पर यथास्थिति का आदेश दे रखा है। ऐसे में नगर पालिका द्वारा इस भूखंड पर निर्माण करना अदालत की अवमानना है।
यह भी आरोप है कि नगर पालिका ने इस निर्माण के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से कोई अनुमति नहीं ली। नेताओं ने सवाल उठाया कि जनता के कर से खर्च किए 87.41 लाख रुपए की वसूली किस अधिकारी से की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस निर्माण के लिए अब तक 40 लाख का भुगतान भी हो चुका है। हाउसिंग बोर्ड ने निर्माण को बताया गैरकानूनी हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री ने सीएमओ को पत्र भेजकर इस निर्माण को तुरंत रोकने और हटाने की मांग की है। बोर्ड ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि पलकमति नगर कॉलोनी का रखरखाव नगर पालिका को सौंपा था, न कि नए निर्माण के लिए।
बोर्ड का कहना है कि यह भूखंड विधिवत रूप से सेंट्रल एकेडमी सोसाइटी को बेचा था, और चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए नगर पालिका को इस पर निर्माण करने का कोई अधिकार नहीं है। बोर्ड ने बताया कि कॉलोनी के हस्तांतरण के समय सभी दस्तावेज और लेआउट दिए गए थे, जिसमें इस भूखंड को नर्सरी स्कूल के रूप में दर्शाया था। इस जानकारी के बावजूद, नगर पालिका द्वारा निर्माण कराया जाना पूरी तरह से गैरकानूनी है, जिसके लिए सिर्फ नगर पालिका ही जिम्मेदार है।
इनका कहना है…
कोई भी कॉलोनी जब नगर पालिका को हस्तांतरित होती है तो वहां मूलभूत सुविधाएं जुटाना, विकास कार्य नगर पालिका का काम होता है। जिस वक्त हाउसिंग बोर्ड ने हमें कॉलोनी हस्तांतरित की थी, कोर्ट के केस की जानकारी नहीं दी गई, हमें जानकारी मिली है तो हमने काम रोक दिया है, पत्र का जवाब भी दिया गया है।
पंकज चौरे, नगर पालिका अध्यक्ष
हस्तांतरण के वक्त हाउसिंग बोर्ड ने कुछ भूखंडों की जानकारी दी थी, कुछ की नहीं दी थी। इस भूखंड की लीज और कोर्ट के प्रकरण की जानकारी नहीं दी थी। हम हाईकोर्ट में नगर पालिका का पक्ष रखेंगे। अब तक इसमें जो निर्माण हुआ है, वह जनता का ही पैसा है।
श्रीमती रितु मेहरा, सीएमओ









