नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 8 सितंबर से 22 सितंबर तक एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस 15-दिवसीय अभियान के दौरान, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह अभियान मुख्य रूप से तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट या सीटबेल्ट के ड्राइविंग, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग करने, शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवरलोडिंग, और बिना वैध कागजात (लाइसेंस, फिटनेस और परमिट) के वाहन चलाने पर केंद्रित है।
पुलिस मुख्यालय ने बताया है कि बढ़ते सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों को देखते हुए यह कार्रवाई बेहद ज़रूरी है। हर जिले में पुलिस अधिकारी और यातायात पुलिस मिलकर इस अभियान को सफल बनाने में लगे हैं। प्रतिदिन की कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी।
एक दिन में 210 चालान, 77,800 रुपए का जुर्माना
पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरन सिंह के निर्देश पर नर्मदापुरम जिले में भी इस अभियान के तहत विशेष वाहन चेकिंग की गई। आज की कार्रवाई के दौरान कुल 210 चालान किए गए और 77,800 रुपए का जुर्माना वसूला गया।
कार्रवाई का विवरण
- थाना कोतवाली: 10 चालान
- थाना देहात: 10 चालान
- थाना माखन नगर: 10 चालान
- थाना सोहागपुर: 27 चालान
- थाना पिपरिया: 09 चालान
- थाना स्टेशन रोड: 14 चालान
- थाना बनखेड़ी: 14 चालान
- थाना पचमढ़ी: 08 चालान
- थाना इटारसी: 16 चालान
- थाना पथरौटा: 13 चालान
- थाना केसला: 00 चालान
- थाना तवानगर: 03 चालान
- थाना रामपुर: 13 चालान
- थाना डोलरिया: 02 चालान
- थाना सिवनी मालवा: 00 चालान
- थाना शिवपुर: 03 चालान
- यातायात नर्मदापुरम: 36 चालान
- यातायात इटारसी: 00 चालान
- यातायात पिपरिया: 06 चालान
- यातायात सिवनी मालवा: 16 चालान
प्रमुख उल्लंघन पर कार्रवाई
- तेज गति: 1
- मोबाइल का उपयोग: 3
- नाबालिग द्वारा वाहन: 2
- बिना हेलमेट: 147
- बिना सीट बेल्ट: 31
- शराब पीकर ड्राइविंग: 1
- अन्य: 25
पुलिस इस अभियान के तहत स्कूल और कॉलेजों पर भी विशेष ध्यान दे रही है, ताकि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर न केवल चालानी कार्रवाई हो, बल्कि ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी निरस्त कराया जा सके। प्रतिदिन की कार्रवाई की समीक्षा पुलिस अधीक्षक और पुलिस मुख्यालय स्तर पर की जा रही है ताकि अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।









