रितेश राठौर, केसला। जनजातीय परिवारों को अपनी समस्याओं के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े, इसके लिए आदि सेवा केन्द्र में प्रति मंगलवार को जनसुनवाई का प्रावधान रखा गया है। ग्रामीण अपनी समस्या सीधे प्रशासन और शासन तक पहुंचा सकें, इस उद्देश्य से आदि सेवा केन्द्रों की दीवारों पर प्रमुख जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के मोबाईल नंबर भी लिखवाए जा रहे हैं। अधिकांश केन्द्रों पर यह लेखन कार्य पूरा भी हो चुका है।
नर्मदापुरम जिले के विकास खण्ड केसला के 33 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में आदि सेवा केन्द्र बनाए गए हैं। इन केन्द्रों का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोडऩा, उनकी समस्याओं और मांगों का ग्राम में ही निराकरण करना, और उन्हें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराना है। कलेक्टर सोनिया मीना के मार्गदर्शन में नर्मदापुरम जिले के कुछ ग्रामों में आदि सेवा केन्द्र संचालित भी होना शुरू हो गए हैं। ये केन्द्र भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए आदि कर्मयोगी अभियान का हिस्सा हैं। इस पहल से 33 ग्रामों को लाभ मिलेगा और धीरे-धीरे इन आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का कायाकल्प हो जाएगा।
कहां संचालित हैं ये केन्द्र?
फिलहाल आदि सेवा केन्द्रों को शासकीय भवनों में संचालित किया जा रहा है। इन्हें ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, या स्कूल भवन को आदि सेवा केन्द्र में बदलकर संचालित किया जा रहा है। जिन ग्रामों में पंचायत भवन नहीं है, वहां दूसरे शासकीय भवनों, जैसे अतिरिक्त कक्ष या आंगनवाड़ी केन्द्र, में आदि सेवा केन्द्र बनाए गए हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से शासन की योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं।









