इटारसी। पूरे मध्य प्रदेश में अब मौसम करवट ले रहा है। पिछले कुछ दिनों से रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन की तुलना में रातें अब सर्द होने लगी हैं। यह बदलाव इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य में मानसून की विदाई के बाद अब ठंड (शीत ऋतु) की आहट शुरू हो चुकी है।
नर्मदापुरम में महसूस होने लगी ठंडक
नर्मदापुरम संभाग, जो अपनी हरियाली और तटीय क्षेत्रों के कारण जाना जाता है, यहां भी मौसम में यह बदलाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में रात का न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे नीचे आया है। रात 9-10 बजे के बाद हल्की सर्द हवाएं चलने लगी हैं, जिसके कारण अब रात को पंखे या एयर कंडीशनर की गति कम करनी पड़ रही है। यह ठंडक अलसुबह तक बनी रहती है, जिससे सुबह की सैर करने वालों को हल्का गर्म कपड़ा ओढऩे की आवश्यकता महसूस होने लगी है।
दिन की धूप अब भली लगने लगी
तापमान में आई इस गिरावट के कारण, दिन के समय का मौसम अब खुशनुमा हो गया है। सुबह के समय की धूप, जो पहले चुभती थी, अब ‘भली लगने लगी है’। अधिकतम तापमान अभी भी सामान्य है, लेकिन न्यूनतम तापमान में कमी आने से दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर बढ़ गया है, जिससे शाम और सुबह के समय मौसम सुहावना हो रहा है।
अन्य जिलों में भी यही हाल
मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसमी बदलाव केवल नर्मदापुरम तक सीमित नहीं है। ग्वालियर, चंबल, मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कई जिलों में भी रात का पारा गिरा है। विशेष रूप से राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे हवाओं की दिशा उत्तर की ओर से होगी, मध्य प्रदेश में ठंडक का असर और बढ़ेगा। यह समय स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि तापमान में अचानक बदलाव वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम की ठंड से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।








