इटारसी। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारी में जुटे उत्तर भारतीय परिवारों के लिए यह राहत की खबर है कि विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने पथरोटा नहर में पानी छोडऩे की व्यवस्था कर दी है। इसके साथ ही छठ पूजा की शुरुआत 25 अक्टूबर 2025 से नहाय-खाय के साथ होगी।
पथरोटा नहर में इस समय पानी नहीं था और गंदगी भरी हुई थी। इससे सबसे बड़ी चिंता यह थी कि 27 अक्टूबर को जब छठ व्रती संध्याकालीन अघ्र्य (शाम 5:10 बजे से 5:58 बजे के बीच) देने के लिए नहर के पानी में खड़े होंगे, तब पानी की उपलब्धता कैसे होगी।

प्रशासनिक दुविधा हुई दूर
दरअसल, जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में हरदा जिले के लिए पानी छोडऩे का निर्णय 1 नवंबर से लिया गया था। चूंकि छठ पूजा 27 और 28 अक्टूबर को है, इसलिए यह तारीख छठ व्रतियों के लिए चिंता का विषय बन गई थी। उत्तर भारतीय परिवारों ने इस समस्या से विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा को अवगत कराया। विधायक डॉ. शर्मा ने तुरंत प्रशासन से बात करके छठ पूजा के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
उत्तर भारतीय परिवार के वरिष्ठ सदस्य और अधिवक्ता रघुवंश पांडे ने विधायक डॉ. शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया, विधायक जी के हस्तक्षेप से पानी की व्यवस्था हो रही है। 27 अक्टूबर की सुबह तक पथरोटा नहर में पूजा के लिए पर्याप्त पानी आ जाएगा।
छठ पूजा 2025 का कार्यक्रम
छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान अंतर्गत पहले दिन 25 अक्टूबर 2025, शनिवार नहाय-खाय से प्रारंभ होगा। दूसरा दिन 26 अक्टूबर 2025, रविवार खरना (36 घंटे का निर्जल व्रत शुरू), तीसरा दिन 27 अक्टूबर 2025, सोमवार संध्या अघ्र्य (डूबते सूर्य को जल अर्पण) और चौथा दिन 28 अक्टूबर 2025, मंगलवार 7 उषा अघ्र्य (उगते सूर्य को जल अर्पण और व्रत पारण)होगा।
पथरोटा नहर पर लगता है भव्य मेला
गौरतलब है कि इटारसी में उत्तर भारतीय परिवार बड़ी संख्या में पथरोटा नहर पर छठ पूजा का आयोजन करते हैं। यहां 27 अक्टूबर की शाम से लेकर अगली सुबह तक छठ का भव्य मेला लगता है, जहां सैकड़ों परिवार एकत्र होते हैं। व्रती नहर के जल में खड़े होकर सूर्य को अघ्र्य देते हैं और दूसरे दिन सुबह उगते सूर्य को दूध से अघ्र्य देकर अपने कठिन व्रत का समापन करते हैं। छठ पूजा सूर्य की उपासना और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनुपम पर्व है।








