इटारसी। रेलवे जंक्शन इटारसी पर सफाई व्यवस्था का ठेका होने के चंद दिनों बाद ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंगलवार सुबह ठेके पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का आरोप है कि दो सुपरवाइजर और एक अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य ड्यूटी लगाने के नाम पर कर्मचारियों से ‘उगाही’ का रास्ता साफ करना है।
हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने सीधे तौर पर दो सुपरवाइजरों पर आरोप लगाया है कि वे एक उच्च अधिकारी के इशारे पर काम कर रहे हैं। कर्मचारियों का दावा है कि अधिकारी चाहता है कि सुपरवाइजर ड्यूटी के बदले कर्मचारियों से पैसे ऐंठ सकें।
सस्पेंड हुए अधिकारी की फिर संलिप्तता!
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सफाई कर्मचारियों के निशाने पर आए अधिकारी वही हैं, जो कुछ समय पहले एक अन्य मामले में निलंबित (सस्पेंड) हो चुके थे। इस अधिकारी की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
शोषण का इतिहास, अनदेखी की रेल
इटारसी रेलवे स्टेशन पर सफाई कर्मचारियों का शोषण कोई नई बात नहीं है। इससे पहले के ठेकों में भी इसी तरह के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। कम वेतन मिलना, वेतन का बिल्कुल न मिलना, या वेतन में देरी होना जैसे मुद्दों पर सफाई कर्मचारी कई बार काम बंद कर चुके हैं।
हैरानी की बात यह है कि बार-बार की इन घटनाओं के बावजूद, न तो स्थानीय रेल अधिकारी इस समस्या का कोई सार्थक हल निकालते हैं और न ही वरिष्ठ अधिकारी इस पर कोई ध्यान दे रहे हैं। कर्मचारियों की शिकायत है कि रेलवे के हेल्थ इंस्पेक्टर (एचआई) जैसे अधिकारी भी ज्यादातर समय अपने कार्यालय में उपलब्ध नहीं होते हैं।
इस हड़ताल के कारण इटारसी जंक्शन की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। रेल प्रबंधन की ठेका नीति और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारी संघ ने मांग की है कि दोषी सुपरवाइजरों और अधिकारी पर तुरंत कार्रवाई की जाए और कर्मचारियों का शोषण रोका जाए।








