इटारसी। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इटारसी में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों को अध्यादेश क्रमांक 14 (1) और 14 (2), ‘स्वयं’ पोर्टल, और अपार आईडी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
विद्यार्थी हित में बड़े बदलाव
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया और शिक्षा नीति के नए अध्यादेशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुराने अध्यादेश में बदलाव करते हुए सुधार किए गए हैं, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित हैं।
प्रमुख परिवर्तन
- प्रोन्नति के नियम आसान : अब विद्यार्थियों को अगले वर्ष में प्रोन्नत होने के लिए कुल क्रेडिट का केवल 35 प्रतिशत हासिल करना होगा, जबकि पहले यह आवश्यकता 50 प्रतिशत थी। यह बदलाव विद्यार्थियों को आगे बढऩे का बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
- ग्रेड सुधार का अवसर : विद्यार्थी अपनी पसंद के अधिकतम किन्हीं दो पेपरों में फिर से शामिल होकर अपने ग्रेड में सुधार कर सकते हैं और एकेडमिक रिकॉर्ड को उत्तम बना सकते हैं।
- स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए राहत : नए अध्यादेश के तहत, स्वाध्यायी (प्राइवेट) विद्यार्थियों के लिए सीसीई (सतत व्यापक मूल्यांकन) विलोपित कर दिया गया है।
- ऑनलाइन क्रेडिट सुविधा : विद्यार्थी स्वयं जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने कुल क्रेडिट का 40 प्रतिशत तक अर्जित कर सकते हैं।
डॉ. मेहता ने विद्यार्थियों को ‘स्वयं’ पोर्टल पर पंजीयन कर ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
पाठ्यक्रम और मूल्यांकन की विस्तृत जानकारी
- आईटी नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि तिवारी ने पीपीटी के माध्यम से अध्यादेश और पाठ्यक्रम संरचना, मूल्यांकन पद्धति, क्रेडिट प्रणाली और बहुआगमन एवं निर्गमन की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
- स्वयं पोर्टल लोकल चैप्टर के नोडल अधिकारी डॉ. बस्सा सत्यनारायण ने भी पीपीटी प्रस्तुति के जरिए स्वयं और मूक्स कोर्सेज के महत्व को विस्तार से समझाया।
- कार्यशाला में महाविद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रभारी डॉ. सूसन मनोहर ने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।








