इटारसी। सिख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के 556 वें प्रकाश उत्सव के पावन अवसर पर, इटारसी में भक्ति और उल्लास का माहौल शुरू हो गया है। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा द्वारा आज, 01 नवंबर से पांच दिवसीय विशाल धार्मिक समागमों का आगाज किया गया है, जो 05 नवंबर तक चलेंगे।
प्रकाश पर्व की तैयारियां 15 अक्टूबर से ही शुरू हो गई थीं, जब शहर में श्रद्धापूर्वक प्रभात फेरियां निकाली जा रही थीं। ये प्रभात फेरियां 02 नवंबर तक जारी रहेंगी।
नगर कीर्तन और कवि दरबार
इन समागमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 02 नवंबर, रविवार को आयोजित होने वाला बच्चों का कवि दरबार है। यह कवि दरबार सुबह 7:15 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य बच्चों में गुरु इतिहास के प्रति जागरूकता लाना है।
समागम का सबसे भव्य कार्यक्रम 03 नवंबर, सोमवार को होगा। इस दिन दोपहर 2 बजे गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से एक विशाल और पारंपरिक नगर कीर्तन निकाला जाएगा। यह कीर्तन सराफा बाजार, भारत टॉकीज रोड, सिंधी कॉलोनी रोड सहित इटारसी के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए वापस गुरुद्वारा साहिब पहुंचेगा।
कीर्तन और कथा का विशेष आयोजन
समागमों के अंतिम चरण में, 04 नवंबर (मंगलवार) को पाठ रहरास साहिब जी के बाद विशेष दीवान सजाया जाएगा। इस दीवान में कीर्तन भाई जोगिंदर सिंह, भाई बलविंदर सिंह (समराला वाले) और भाई अजीत सिंह(हरदीप दुर्गा खालसा) जैसे प्रसिद्ध रागी जत्थे अपनी मधुर गुरुवाणी से संगत को निहाल करेंगे।
समापन और संदेश
पांच दिवसीय समागम की समाप्ति 05 नवंबर, बुधवार को होगी। इस दिन सुबह 9 बजे श्री अखंड पाठ साहिब जी का सम्पूर्ण भोग डाला जाएगा, जिसके बाद कीर्तन और कथा विचार होंगे। समागम का समापन दोपहर 12 बजे होगा फिर विशाल गुरु का अटूट लंगर होगा।
आयोजकों ने बताया कि इन समागमों के माध्यम से गुरु नानक देव जी के मूल उपदेशों—किरत करनी (ईमानदारी से काम), नाम जपना (ईश्वर का स्मरण), और वंड छकना (बांटकर खाना)—को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, इटारसी ने सभी धर्मों के लोगों से इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।








