- ढाई माह से दहशत में ग्रामीण, वन विभाग की निश्चिंतता पर सवाल
इटारसी। इटारसी के ग्रामीण अंचलों, विशेषकर पथरोटा और पांडरी में पिछले ढाई माह से एक तेंदुए की लगातार उपस्थिति ने ग्रामीणों में गहन दहशत का माहौल बना दिया है। तेंदुए ने हाल ही में पथरोटा गांव में एक गाय का शिकार कर लिया, जिसका वीडियो गांव की एक महिला द्वारा बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है, जिसने ग्रामीणों के भय को और बढ़ा दिया है।
ढाई माह से विचरण और लगातार शिकार
इससे पहले 29 अगस्त को पांडरी क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई दिया था, जिसके बाद यह ढाई माह से अधिक समय से पथरोटा और पांडरी के आस-पास के क्षेत्रों में लगातार विचरण कर रहा है। ग्राम पंचायत पांडरी, पॉवरग्रिड के आसपास और आर्डनेंस फैक्ट्री चेकपोस्ट के पास भी यह नजर आया है। आर्डनेंस फैक्ट्री रोड के आसपास तेंदुए की चहलकदमी सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी, जिससे स्थानीय लोगों का डर पुख्ता हो गया है। पथरोटा गांव में गाय का शिकार करने की घटना ने साबित कर दिया है कि यह तेंदुआ अब पालतू पशुओं के लिए भी गंभीर खतरा बन गया है।
ग्रामीणों में गहरा भय और जीवन पर असर
इन घटनाओं के कारण ग्रामीण अत्यधिक भयभीत हैं। शाम होते ही लोग अपने घरों में दुबक जाते हैं। माता-पिता ने अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजना बंद कर दिया है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को डर है कि यह तेंदुआ उनके पालतू पशुओं पर और भी हमले कर सकता है।
वन विभाग की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न
वन विभाग ने पथरोटा के आसपास तेंदुआ को पकडऩे के लिए पिंजरा भी लगाया गया था, लेकिन ग्रामीण बताते हैं कि तेंदुआ इतना शातिर है कि वह पिंजरे में नहीं आया। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग तेंदुए का जल्द रेस्क्यू करके आबादी क्षेत्र से दूर घने जंगल में सुरक्षित छोड़े ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके। जंगली जानवरों का सतपुड़ा के जंगलों से निकलकर आबादी क्षेत्रों में आना, न सिर्फ पालतू पशुओं के लिए, बल्कि मनुष्यों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।








