नर्मदापुरम। नर्मदापुरम एमपीसीए ग्राउंड पर आयोजित स्वर्गीय एल टी सुब्बू इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर-22 ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला बैतूल ने एकतरफा अंदाज में जीत लिया। बैतूल की टीम ने नर्मदापुरम को 197 रनों के विशाल अंतर से हराकर प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
नर्मदापुरम संभाग क्रिकेट संघ के मानसेवी सचिव प्रदीप तोमर ने इस संबंध में जानकारी दी। बैतूल की दमदार बल्लेबाजी, पार्थिव की घातक गेंदबाजी फाइनल मुकाबले में टॉस जीतकर बैतूल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 389 रनों का विशाल स्कोर बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी नर्मदापुरम की टीम बल्लेबाजी में पूरी तरह से लडख़ड़ा गई और मात्र 192 रनों पर ऑल आउट हो गई। इस तरह, बैतूल ने यह मुकाबला 197 रनों से आसानी से जीत लिया। नर्मदापुरम की ओर से केवल देवांश यदुवंशी ही संघर्ष कर पाए, जिन्होंने 66 रन बनाए। उनके अलावा, कोई भी अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। बैतूल की जीत में सबसे बड़ा योगदान उनके गेंदबाज पार्थिव का रहा, जिन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए अकेले 7 विकेट चटकाए और मैच को एकतरफा बना दिया।
शानदार प्रदर्शन के लिए बैतूल के आदर्श और पार्थिव को संयुक्त रूप से मैन ऑफ द मैच चुना गया। समापन समारोह और अतिथियों का संबोधन प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि एमपीसीए मैनेजिंग कमेटी सदस्य अनुराग मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि पूरी प्रतियोगिता में कुल 2424 रन बने, जिसमें एक दोहरा शतक सहित तीन शतक शामिल थे। उन्होंने खिलाडिय़ों को ऐसी बैटिंग पिचों पर रन बनाने के लिए और मेहनत करने की सलाह दी तथा विजेता व उपविजेता टीमों को बधाई दी।
विशेष अतिथि कुलभूषण मिश्रा ने कहा कि बच्चों को तेजी से विकसित हो रहे क्रिकेट के अनुरूप कड़ी मेहनत करनी चाहिए। अनिल दीक्षित ने हर खिलाड़ी को अपने खेल को बेहतर बनाने पर मंथन करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर राजेश चौरे, संजय नाफड़े, मनोहर बिल्थरिया, संजय हुदार, शफीक खान, सुनील कालोसिया, शैलेन्द्र पवार सहित कई अभिभावक मौजूद रहे। अंपायर की भूमिका नितेश राजपूत और विष्णु बौरासी ने, स्कोरिंग मनोहर बिल्थरिया ने की।









