- माता मंदिर अस्पताल के संचालक के जाने से स्वास्थ्य सेवाओं में आया खालीपन
इटारसी। नगर की स्वास्थ्य सेवाओं के आधार स्तंभ, प्रख्यात सर्जन डॉ. अनिल सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। भोपाल में खरीदारी के दौरान दिल का दौरा पडऩे से उनका आकस्मिक निधन हो गया। डॉ. सिंह का जाना इटारसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।
एक युग का अंत, कुशल सर्जरी और मानवीय स्पर्श
डॉ. अनिल सिंह माता मंदिर अस्पताल का संचालन करते थे और वे सिर्फ एक सर्जन नहीं थे, वे हजारों परिवारों के लिए भरोसे और उम्मीद का प्रतीक थे। उनकी सर्जिकल कुशलता पर इटारसी गर्व करता था। वे जटिल से जटिल मामलों को भी सहजता से सुलझाते थे। लेकिन जो बात उन्हें सबसे अलग करती थी, वह था उनका मृदुभाषी स्वभाव और मरीजों को ढांढस बंधाने का मानवीय तरीका। एक कुशल चिकित्सक के तौर पर उन्होंने वर्षों तक सेवा की, जिससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक उच्च मानक स्थापित हुआ। उनके निधन से चिकित्सा सेवाओं में ऐसा शून्य उत्पन्न हो गया है, जिसे भरना नगर के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
शोक में डूबा शहर
डॉ. सिंह के निधन की खबर सुनते ही चिकित्सा जगत और आम जनता में शोक की लहर दौड़ गई। वह ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने ज्ञान, सहज व्यवहार और समर्पण से समाज पर एक अमिट छाप छोड़ी। इटारसी ने आज केवल एक डॉक्टर को नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और एक सच्चे समाजसेवी को खो दिया है। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।









