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सोनासांवरी रेलवे क्रॉसिंग पर फुट ओवरब्रिज की तीसरी भुजा का पेंच फंसा

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  • जनहित ताक पर, दुर्घटना की आशंका पर मामला लटका
  • विधानसभा में मंत्री के जवाब पर शहर के लोग आश्चर्य में

इटारसी। शहर के सोनासांवरी रेलवे गेट पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की बहुप्रतीक्षित तीसरी भुजा का मामला एक बार फिर अधर में लटक गया है। विधानसभा में लोक निर्माण मंत्री के जवाब ने साफ कर दिया है कि तीसरी भुजा के निर्माण को लेकर सरकार कोई जल्दबाजी नहीं कर रही है, बल्कि फिजिबिलिटी परीक्षण का हवाला देकर मामले को फिलहाल टाल दिया गया है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों की मांग और आंदोलन को झटका लगा है, जो न्यास कॉलोनी बाईपास पर इसे उतारने की मांग कर रहे हैं ताकि बारिश में होने वाली जलजमाव की समस्या से मुक्ति मिल सके।

विधानसभा में क्या आया जवाब?

विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के प्रश्न पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जो जवाब दिया, उसके अनुसार एफओबी की डिजाइन 27 फरवरी 2023 को स्वीकृत हुई थी। डिजाइन को परिवर्तित किया गया और इसकी जांच मैनिट भोपाल से कराई गई थी। मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित तीसरी भुजा मौजूदा जंक्शन पर दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ा सकती है। दुर्घटनाओं की आशंका के कारण, अब फिजिबिलिटी (व्यवहार्यता) परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद ही तीसरी भुजा के निर्माण पर कोई निर्णय लिया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि फिजिबिलिटी परीक्षण के चलते तीसरी भुजा के लिए कोई निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

तीसरी भुजा क्यों है जरूरी? मांग का मुख्य कारण

  • बारिश में जलजमाव : प्रस्तावित स्थल के पास नाला है, जो बारिश के मौसम में उफान पर आता है। यदि भुजा को यहां नहीं उतारा जाता है, तो नाला पार करने वाले हजारों लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
  • लंबा चक्कर : बारिश में वैकल्पिक मार्ग बंद होने से सोनासांवरी और आसपास के 18 से अधिक गांवों के लोगों को शहर में प्रवेश के लिए अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

राजनीतिक खींचतान में आमजन की अनदेखी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक नूराकुश्ती के कारण जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले को जानबूझकर उलझाया जा रहा है। पिछले दिनों इस मांग को लेकर हुए आंदोलनों के बावजूद, शासन ने दुर्घटना और फिजिबिलिटी जैसे तकनीकी पहलुओं का सहारा लेकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जानकारों का मानना है कि यदि शासन जनहित की मांग को अनदेखा करते हुए कोई गेम करता है या समस्या को उसके हाल पर छोड़ देता है, तो यह अनदेखी आने वाले समय में एक बड़ी समस्या और जनता के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

Rohit Nage

Rohit Nage has 30 years' experience in the field of journalism. He has vast experience of writing articles, news story, sports news, political news.

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