इटारसी। पेट्रोल और डीज़ल की माप-तौल में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए नर्मदापुरम संभाग के इंडियन ऑयल कंपनी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इटारसी स्थित इंडियन ऑयल डिपो के ‘प्रूवर मेजर’ की गहन जांच और सत्यापन पेट्रोल/डीज़ल विक्रेताओं की उपस्थिति में किया गया।
‘प्रूवर मेजर’ वह मुख्य उपकरण होता है जिसके माध्यम से पेट्रोल पंपों को तेल पहुंचाने वाली टैंकर लॉरी की क्षमता और सटीकता को सत्यापित किया जाता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि उपभोक्ता को हमेशा सही मात्रा में ईंधन मिले।
नाप-तौल विभाग ने की मुख्य जांच
सत्यापन की यह पूरी प्रक्रिया नाप-तौल विभाग की निगरानी में पूरी हुई। विभाग के प्रभारी सहायक नियंत्रक, सलिल ल्यूक, ने अपने स्टाफ कर्मचारी आशीष श्रीवास्तव के साथ मिलकर सबसे पहले 20 लीटर के ‘कोनिकल मेजर’ की जांच की। इसके बाद विभाग के सत्यापित मेजर द्वारा डिपो के ‘प्रूवर मेजर’ की जांच कर उसे सत्यापित किया। यह कदम उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करता है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि टैंकर लॉरी की जांच के बाद ही तेल पंपों तक पहुंचता है, जिससे मापन में किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना समाप्त हो जाती है।
डीलर और अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण सत्यापन के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई प्रमुख अधिकारी और डीलर उपस्थित रहे, जिनमें सतीश कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ डिपो प्रबंधक, प्रशांत जायसवाल, अध्यक्ष, आईओसी पेट्रोलियम संगठन, राजेश गौर, सचिव, आईओसी पेट्रोलियम संगठन, संभाग से आए अन्य पेट्रोल डीलरों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के सत्यापन नियमित रूप से किए जाते हैं ताकि उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सर्वोपरि बनी रहे।









