इटारसी। मध्य प्रदेश की जीवन रेखा कही जाने वाली पुण्य सलिला मां नर्मदा की परिक्रमा के लिए भक्तों का जत्था इटारसी के पुरानी इटारसी क्षेत्र, जयप्रकाश नगर से रवाना हुआ। कार्तिक मास की एकादशी से शुरू हुआ परिक्रमा जाने का यह सिलसिला अब भी जारी है। जत्थे में शामिल तीर्थ यात्रियों ने नर्मदापुरम तट पर विधिवत पूजन-अर्चन किया और फिर परिक्रमा के लिए अपनी यात्रा शुरू की।
मित्रों, स्नेही स्वजनों और परिजनों ने नर्मदा तट पर पहुंचकर पुष्पहारों से यात्रियों का स्वागत किया और उन्हें शुभ यात्रा की शुभकामनाएं देकर विदा किया। यह माना जाता है कि नर्मदा ही विश्व की एकमात्र ऐसी नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है। प्राचीन काल से ही यह नदी दुर्लभ जड़ी-बूटियों, पुरातत्व धरोहरों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य को समेटे हुए मानव जीवन की आस्था का केंद्र बनी हुई है। वेद-पुराणों में इसके महत्व का वर्णन मिलता है, जहां इसके हर कंकर में शंकरजी के विराजमान होने की मान्यता है।









