इटारसी। सेमरी उप नहर के गेट में पिछले 4-5 दिनों से एक बड़ा लकड़ी का लक्कड़ फंसने के कारण पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। नहर में पानी नहीं आने से हजारों एकड़ में लगी गेहूं की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश और चिंता व्याप्त है।
सिंचाई विभाग के अधिकारी पिछले तीन दिनों से इस समस्या को सुलझाने में जुटे हैं। विभागीय एसडीओ एसएस रैकवार और उपयंत्री एवी कुलकर्णी अपनी टीम के साथ लगातार ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन की मदद से फंसे हुए लक्कड़ को निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है।
अनुमति के फेर में फंसा समाधान
मौके पर मौजूद किसानों का कहना है कि जब तक मुख्य नहर के बीच में कटिंग नहीं की जाएगी, तब तक फंसे हुए लक्कड़ को निकालना असंभव है। तकनीकी पेंच यह है कि नहर काटने का अधिकार स्थानीय अधिकारियों के पास नहीं है। इसके लिए अधीक्षण यंत्री की अनुमति अनिवार्य है। अनुमति मिलने में हो रही देरी के कारण सिंचाई कार्य पूरी तरह रुका हुआ है। किसानों ने दी दो दिन की मोहलत सिंचाई के अभाव में फसल बर्बाद होते देख किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है।
पीडि़त किसान अभय चौधरी, सियाराम चौधरी, उमाकांत वर्मा और अन्य ने चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर समस्या का समाधान कर नहर चालू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों से गुहार किसानों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप करें और नहर चालू करवाएं।
विधायक और सांसद से भी इस प्रकरण में दखल देने की अपील की गई है ताकि किसानों की मेहनत की फसल को बचाया जा सके। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपेन्द्र चौधरी, राजू पटेल, संतोष चिमानिया, विजय चौधरी, ब्रजमोहन चौधरी, अजय चौधरी, मनीराम यादव, फूल्लु यादव, अवधेश रावत और उत्तम मेहतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।









